एमपीपीएससी प्रीलिम्स 2026 कल, कड़ी सुरक्षा के बीच दो सत्रों में होगी परीक्षा, बायोमेट्रिक, स्कैनिंग और मेटल डिटेक्टर से त्रिस्तरीय जांच, 90 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य
एमपीपीएससी प्रीलिम्स 2026 कल, कड़ी सुरक्षा के बीच दो सत्रों में होगी परीक्षा, बायोमेट्रिक, स्कैनिंग और मेटल डिटेक्टर से त्रिस्तरीय जांच, 90 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य

जबलपुर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन कल रविवार 26 अप्रैल को किया जाएगा। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करते हुए त्रिस्तरीय जांच प्रणाली लागू की गई है।
जबलपुर शहर के 14 परीक्षा केंद्रों सहित प्रदेशभर के 365 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा दो सत्रों में होगी पहला सत्र सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2:15 बजे से 4:15 बजे तक निर्धारित है।
त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू-
परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की स्कैनिंग और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) के माध्यम से सघन जांच की जाएगी। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य किया गया है।
क्या ले जा सकते हैं, क्या नहीं-
परीक्षार्थी केवल ई-प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, निर्धारित स्याही का पेन, स्वयं का फोटो और पारदर्शी पानी की बोतल ही साथ ले जा सकेंगे। दिव्यांग अभ्यर्थियों को आवश्यक सहायक सामग्री की अनुमति रहेगी।
वहीं मोबाइल, स्मार्ट/डिजिटल घड़ी, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर, पेनड्राइव सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। इसके अलावा पेंसिल, रबर, व्हाइटनर, बैग, पर्स, बेल्ट, कफलिंक, धूप का चश्मा, टोपी, क्लचर-बक्कल जैसी एसेसरीज भी वर्जित हैं। परीक्षा कक्ष में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश नहीं मिलेगा, परीक्षार्थियों को चप्पल या सैंडल में आना होगा।
जांच में गरिमा का ध्यान-
महिला अभ्यर्थियों की तलाशी महिला कर्मियों द्वारा अलग कक्ष में ली जाएगी, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की जांच पुरुष स्टाफ करेगा। ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को अपनी सुविधा अनुसार जांचकर्ता चुनने का विकल्प दिया गया है। हिजाब, पगड़ी, ताबीज आदि का सम्मानपूर्वक सूक्ष्म परीक्षण किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षार्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समय पर केंद्र पहुंचें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।



