जबलपुर कप्तान की सख्ती पर भारी थाना पुलिस की सुस्ती? तीन महीने से फरार कुख्यात बदमाश श्रीकांत राय और हर्ष यादव, अब इनाम के भरोसे तलाश
कप्तान की सख्ती पर भारी थाना पुलिस की सुस्ती? तीन महीने से फरार कुख्यात बदमाश श्रीकांत राय और हर्ष यादव, अब इनाम के भरोसे तलाश

जबलपुर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं। अपराधियों की गिरफ्तारी, निगरानी बदमाशों पर कार्रवाई और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद मदन महल थाना क्षेत्र के चर्चित गोलीकांड में मुख्य आरोपी श्रीकांत राय और हर्ष यादव पिछले तीन महीने से पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले में दर्ज अपराध क्रमांक 148/26 के दोनों आरोपी खुलेआम फरार हैं। स्थानीय स्तर पर गिरफ्तारी नहीं होने के बाद पुलिस अधीक्षक को दोनों पर ₹5-5 हजार का इनाम घोषित करना पड़ा। यह कदम स्पष्ट करता है कि जिला पुलिस नेतृत्व आरोपियों की गिरफ्तारी चाहता है, लेकिन थाना स्तर पर अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं

यही वजह है कि अब मदन महल थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती दौर में लगातार दबिश, तकनीकी निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो शायद आरोपियों को इतना लंबा समय तक फरार रहने का मौका नहीं मिलता।
शहर में बढ़ते अपराधों के बीच यह मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। आखिर जब आरोपियों की पहचान और पते पुलिस के पास हैं, तो उनकी गिरफ्तारी में इतनी देरी क्यों हो रही है? क्या थाना स्तर पर कार्रवाई में कहीं न कहीं कमी रह गई, या अपराधियों को पकड़ने की रणनीति प्रभावी साबित नहीं हुई?

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा इनाम घोषित किया जाना यह दर्शाता है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और हर हाल में आरोपियों की गिरफ्तारी चाहते हैं। अब जिम्मेदारी मदन महल थाना पुलिस पर है कि वह इन कुख्यात बदमाशों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के सामने पेश करे।
बढ़ते अपराधों पर अंकुश तभी संभव है, जब थाना स्तर पर भी उतनी ही तेजी और जवाबदेही के साथ कार्रवाई हो, जितनी सख्ती जिला पुलिस नेतृत्व दिखा रहा है।



