जबलपुर: चरगवा क्षेत्र की चावल मिल में लगी भीषण आग, शाहपुरा फायर ब्रिगेड ने दो टैंकर पानी से संभाला मोर्चा*
चरगवा क्षेत्र की चावल मिल में लगी भीषण आग, शाहपुरा फायर ब्रिगेड ने दो टैंकर पानी से संभाला मोर्चा*

जबलपुर जिले के चरगवा थाना क्षेत्र अंतर्गत उमरिया डुंगरिया औद्योगिक क्षेत्र फेस-2 में मंगलवार को एक चावल मिल में भीषण आग लग जाने से अफरा-तफरी मच गई। आग चरगवा थाना क्षेत्र के उमरिया डुंगरिया फेस-2 स्थित प्लॉट नंबर 46 पर संचालित धान से चावल बनाने वाली फैक्ट्री में लगी। आग लगते ही आसपास के इलाके में धुएं का गुबार और लपटें देखी गईं, जिससे दहशत फैल गई।
शाहपुरा फायर ब्रिगेड जुटी, दो टैंकर पानी बर्बाद
घटना की सूचना मिलते ही शाहपुरा फायर स्टेशन से दमकल वाहनों को तुरंत रवाना किया गया। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। मिल में रखे सूखे धान, भूसे और लकड़ी के सामान की वजह से आग तेजी से फैल गई। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार आग की तीव्रता इतनी अधिक है कि अब तक दो टैंकर पानी आग बुझाने में खर्च हो चुका है, लेकिन आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। दमकलकर्मी लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टैंकर भी मंगवाए जा रहे हैं।
लाखों का नुकसान, कारणों की जांच जारी
प्रत्यक्षदर्शियों और मिलकर्मियों के अनुसार आग लगने का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। आशंका जताई जा रही है कि मशीनों में शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग के कारण चिंगारी निकली होगी, जिससे आग भड़क गई। मिल परिसर में बड़ी मात्रा में कच्चा धान और प्रोसेस किया हुआ चावल स्टॉक में रखा था। आग की चपेट में आने से मशीनरी, कन्वेयर बेल्ट और इलेक्ट्रिकल पैनल भी जलकर खाक हो गए हैं। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये का नुकसान होने की संभावना है।
समय रहते बची जान, इलाके में अलर्ट
आग लगने के समय मिल में मौजूद मजदूर और कर्मचारी समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है। आग और धुएं को देखकर आसपास की फैक्ट्रियों और प्लॉटों में काम कर रहे लोगों में दहशत फैल गई। प्रशासन ने आसपास की सभी औद्योगिक इकाइयों को सतर्क कर दिया है और फायर सेफ्टी उपकरण चेक करने के निर्देश दिए हैं।
चरगवा पुलिस और प्रशासन मौके पर
सूचना मिलने पर चरगवा थाना पुलिस, राजस्व और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर आवागमन नियंत्रित किया है ताकि दमकल वाहनों को परेशानी न हो। फायर ब्रिगेड के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का सही आकलन हो पाएगा। इसके बाद फॉरेंसिक टीम आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच करेगी।
स्थानीय लोगों और उद्योगपतियों ने मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों में फायर सेफ्टी के मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। आग बुझाने का काम अभी जारी है।



