जबलपुर: थाली छोड़ दोस्त को बचाने दौड़ा, बदले में मिला लहूलुहान शरीर” गढ़ा क्षेत्र में गब्बर और बुचरा का खूनी तांडव
थाली छोड़ दोस्त को बचाने दौड़ा, बदले में मिला लहूलुहान शरीर" गढ़ा क्षेत्र में गब्बर और बुचरा का खूनी तांडव

जबलपुर क्या किसी की जान बचाना आज के दौर में गुनाह हो गया है? जबलपुर के गढ़ा इलाके से आई ये खबर आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। यहाँ एक शख्स अपने दोस्त के साथ बैठकर खाना खा रहा था, लेकिन अगले ही पल उसके चेहरे पर चाकू के वार हो रहे थे। दोस्ती की ऐसी खौफनाक सजा शायद ही आपने पहले कभी सुनी हो।”
घटना गढ़ा थाना क्षेत्र के पंडा की मड़िया इलाके की है। शास्त्री नगर का रहने वाला उमाशंकर पटेल अपने दोस्त अर्जुन चक्रवर्ती के घर मेहमान बनकर गया था। दोनों दोस्त साथ बैठकर भोजन कर रहे थे कि तभी बाहर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आईं। अर्जुन जैसे ही बाहर निकला, बदमाशों ने उसे घेर लिया। अपने दोस्त को अकेला देख उमाशंकर खाना छोड़कर उसे बचाने दौड़ा। उसे लगा कि वह विवाद शांत करा देगा, लेकिन उसे क्या पता था कि बाहर सौरभ चक्रवर्ती उर्फ ‘बुचरा’ अपने पूरे परिवार के साथ कत्ल की नीयत से खड़ा है।
जैसे ही उमाशंकर बीच-बचाव करने पहुँचा, आरोपी सौरभ उर्फ बुचरा ने उस पर लाठियों और चाकू से हमला बोल दिया। हद तो तब हो गई जब सौरभ के पिता गब्बर चक्रवर्ती और उसके भाई सचिन ने उसे रोकने के बजाय खुद हथियार उठा लिए। तीनों बाप-बेटों ने मिलकर निहत्थे उमाशंकर अर्जुन के चेहरे और शरीर पर इतने वार किए कि वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा। सरेराह हुए इस हमले से पूरा इलाका थर्रा गया।
चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग जमा होते, तीनों आरोपी धमकी देते हुए फरार हो चुके थे। घायल उमाशंकर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत फिलहाल बेहद नाजुक है। गढ़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में उनके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।”
सवाल यह है कि आखिर इन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं कि एक पूरे परिवार ने मिलकर सरेआम खूनी खेल खेला? पुलिस का कहना है कि आरोपी जल्द पकड़ लिए जाएंगे, लेकिन उमाशंकर की गंभीर हालत ने पूरे शहर में दहशत भर दी है।
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