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जबलपुर: नागा घाटी बना हादसों का अड्डा: 5 वाहनों की भिड़ंत ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल

नागा घाटी बना हादसों का अड्डा: 5 वाहनों की भिड़ंत ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल

जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र स्थित नागा घाटी में सोमवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरेला-शारदा मंदिर रोड पर पांच वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई वाहनों के परखच्चे उड़ गए और उनमें सवार लोग गाड़ियों के अंदर ही फंस गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर चीख-पुकार सुनाई देने लगी।


जानकारी के मुताबिक सुबह के समय नागा घाटी से नीचे उतरते हुए एक वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि ढलान अधिक होने और वाहन की रफ्तार तेज होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। अनियंत्रित वाहन सामने चल रहे दूसरे वाहन से जा टकराया, जिसके बाद पीछे आ रहे अन्य वाहन भी एक-एक कर आपस में भिड़ते चले गए। कुछ ही सेकंड में सड़क पर पांच वाहनों का बड़ा हादसा हो गया।


घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने कड़ी मशक्कत कर वाहनों में फंसे घायलों को बाहर निकाला। कई लोगों को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलने के बाद बरेला पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को प्राथमिक उपचार दिलाकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा, जहां कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नागा घाटी और शारदा मंदिर रोड का यह हिस्सा लंबे समय से हादसों का केंद्र बना हुआ है। यहां सड़क का ढलान खतरनाक है और भारी वाहनों के ब्रेक फेल होने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों ने अब तक यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही गति नियंत्रण के इंतजाम किए गए हैं। कई जगहों पर सुरक्षा बैरियर भी नहीं हैं, जिससे जरा सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल जाती है। स्थानीय रहवासियों ने इस क्षेत्र को “मौत की घाटी” बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।

क्षेत्रवासियों के अनुसार कई बार प्रशासन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग को इस खतरनाक मार्ग के संबंध में शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। नतीजा यह है कि लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नागा घाटी क्षेत्र को तत्काल “ब्लैक स्पॉट” घोषित किया जाए और यहां स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा बैरियर और ट्रैफिक मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएं।

फिलहाल पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा और इस खतरनाक मार्ग पर लोगों की जान बचाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

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