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जबलपुर में चाकूबाजी से लाल हो रही शहर की सड़कें: गढ़ा में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला,

चाकूबाजी से लाल हो रही शहर की सड़कें: गढ़ा में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला,

 

जबलपुर में चाकूबाजी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मामूली कहासुनी अब जानलेवा हमलों में बदलती जा रही है। ताजा मामला गढ़ा थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवक को फोन कर बुलाया गया और फिर उस पर नुकीले हथियार से हमला कर दिया गया। घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ते अपराध और युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

सिद्धनगर संजय गांधी निवासी 19 वर्षीय नील रजक, जो प्लंबर का काम करता है, ने गढ़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। नील के अनुसार वह मेडिकल क्षेत्र में चाय पीने गया था, जहां उसकी राज चक्रवर्ती से किसी बात को लेकर बहस हो गई थी। मामला वहीं शांत हो गया, लेकिन कुछ देर बाद राज चक्रवर्ती ने उसे फोन कर छोटे जैन मंदिर के पास रुकने के लिए कहा।

नील का आरोप है कि रात करीब 1:25 बजे राज चक्रवर्ती और उसका साथी सुम्मि वहां पहुंचे और दोबारा विवाद शुरू कर दिया। इसी दौरान राज चक्रवर्ती ने उसके साथ मारपीट की, जबकि सुम्मि ने नुकीली वस्तु से उसके सीने पर हमला कर दिया। घायल युवक ने आरोप लगाया कि वारदात के बाद दोनों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

यह घटना केवल एक युवक पर हमला नहीं, बल्कि शहर में बढ़ती चाकूबाजी और हिंसक घटनाओं की गंभीर तस्वीर है। छोटी-छोटी बातों पर युवक अब सीधे नुकीले हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे आम लोगों में भय का माहौल बन रहा है और अभिभावकों की चिंता भी बढ़ रही है।

लगातार सामने आ रही चाकूबाजी की घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर अपराधियों में कानून का डर क्यों खत्म होता जा रहा है? देर रात सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की वारदातें सुरक्षा व्यवस्था को भी चुनौती दे रही हैं। यदि समय रहते ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

गढ़ा पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। लेकिन शहरवासियों का कहना है कि केवल एफआईआर दर्ज करना काफी नहीं है, बल्कि चाकूबाजी और हिंसक वारदातों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जरूरत है ताकि शहर में कानून का भय कायम रह सके।

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