जबलपुर में चोरी की दो बड़ी वारदातें: ऑटो में बैग साफ, सूने मकान से लाखों के जेवर-नकदी पार—पुलिस पर उठे सवाल
चोरी की दो बड़ी वारदातें: ऑटो में बैग साफ, सूने मकान से लाखों के जेवर-नकदी पार—पुलिस पर उठे सवाल

जबलपुर। शहर और ग्रामीण इलाकों में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम जनता में भय और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। रांझी और चरगवां थाना क्षेत्रों में सामने आई दो अलग-अलग चोरी की घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है।
पहला मामला थाना रांझी क्षेत्र का है, जहां श्रीमती आरती चक्रवर्ती (30) निवासी बड़ा पत्थर गणेशगंज ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 18 जून की दोपहर करीब 2 बजे वह बस स्टैंड जाने के लिए ऑटो में बैठी थीं। उनके पास एक बैग था, जिसमें 20 हजार रुपये नकद, सोने की पांचाली, चांदी की पायल और बिछिया रखी थी। बैग को उन्होंने ऑटो में पीछे रख दिया था।
तीन पत्ती में उतरने के बाद उन्होंने बैग तो साथ ले लिया, लेकिन सामान चेक नहीं किया। बाद में जब वह अपने मायके गंज मोहल्ला बरेला पहुंचीं और बैग खोला, तो उसमें रखे नगदी और जेवर गायब थे। साफ है कि किसी अज्ञात चोर ने ऑटो में ही बैग की चैन खोलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
वहीं दूसरी घटना थाना चरगवां क्षेत्र की है, जहां कुंवर सिंह मरावी (50) निवासी ग्राम झरझर ने घर में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 20 जून की रात बिजली नहीं होने के कारण पूरा परिवार आंगन में सो गया था, जबकि उनके बेटे और दामाद छत पर सो रहे थे।
सुबह उठने पर उन्होंने देखा कि घर के पीछे इमली के पेड़ के पास अटैची खुली पड़ी थी और सामान बिखरा हुआ था। जांच करने पर पता चला कि घर से एक अटैची और टीन की पेटी गायब है। अटैची में जरूरी दस्तावेज थे, जबकि पेटी में सोने-चांदी के जेवर और करीब 59 हजार रुपये नकद रखे थे।
बाद में अटैची और पेटी अलग-अलग जगहों पर खाली हालत में मिलीं, जिससे यह साफ हो गया कि चोर कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
दोनों ही मामलों में पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक आम लोग इस तरह चोरी का शिकार होते रहेंगे? शहर से लेकर गांव तक चोर बेखौफ घूम रहे हैं और पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने की मांग की है, ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके।



