जबलपुर में डीजल चोरों का गैंग सक्रिय: बेखौफ बदमाशों ने 100 लीटर डीजल उड़ाया, पुलिस की गश्त पर उठे सवाल
डीजल चोरों का गैंग सक्रिय: बेखौफ बदमाशों ने 100 लीटर डीजल उड़ाया, पुलिस की गश्त पर उठे सवाल

जबलपुर। शहर और उसके आसपास के इलाकों में अब संगठित अपराधी गिरोह बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला माढ़ोताल थाना क्षेत्र का है, जहां एक लोडिंग वाहन से करीब 100 लीटर डीजल चोरी कर बदमाश आसानी से फरार हो गए। इस घटना ने न सिर्फ अपराधियों के हौसलों को उजागर किया है, बल्कि पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में थाना माढ़ोताल में गिर्राज श्रीवास (24) निवासी ग्राम रनगवां थाना बेहट जिला ग्वालियर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित ने बताया कि उसके पास आईसर कंपनी का लोडिंग वाहन (क्रमांक MP 04 ZK 7194) है, जिसे वह खुद चलाता है। 19 जून को वह जबलपुर के पास उमरिया डुंगरिया क्षेत्र की एक पाइप फैक्ट्री से माल लोड कर सूरतलाई की ओर जा रहा था।
रात करीब 8 बजे नींद आने के कारण उसने अपना वाहन भारत पेट्रोल पंप के सामने खड़ा कर दिया और वहीं सो गया। देर रात लगभग 2 से 2:30 बजे के बीच एक सफेद रंग की कार में सवार चार अज्ञात युवक वहां पहुंचे। बदमाश अपने साथ मशीन लेकर आए थे, जिसे उन्होंने वाहन के डीजल टैंक में फिट कर करीब 100 लीटर डीजल निकालकर डिब्बों में भर लिया और मौके से फरार हो गए।
सुबह जब पीड़ित को घटना की जानकारी लगी तो उसने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे चेक किए, जिसमें पूरी वारदात कैद मिली। चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपियों की कार में नंबर प्लेट तक नहीं थी, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि यह वारदात पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी वारदात के दौरान पुलिस की गश्त कहां थी? हाईवे और पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थानों पर इस तरह की चोरी होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब देखना यह होगा कि क्या पुलिस इस संगठित गिरोह तक पहुंच पाती है या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में इस घटना के बाद भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों की मांग है कि पुलिस ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और रात के समय गश्त को मजबूत बनाया जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।



