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जबलपुर में बिजली माफिया पर करारा प्रहार, शहरभर में एक साथ छापेमारी, पॉश कॉलोनियों से औद्योगिक इकाइयों तक कार्रवाई, 100 से ज्यादा ठिकानों पर दबिश, 21 लाख से अधिक की वसूली

बिजली माफिया पर करारा प्रहार, शहरभर में एक साथ छापेमारी, पॉश कॉलोनियों से औद्योगिक इकाइयों तक कार्रवाई, 100 से ज्यादा ठिकानों पर दबिश, 21 लाख से अधिक की वसूली

जबलपुर। शहर में वर्षों से जड़ जमा चुके बिजली चोरी के नेटवर्क और बड़े बकायादारों पर शनिवार को विद्युत विभाग ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए करारा प्रहार किया। एक साथ पूरे शहर में चलाए गए विशेष अभियान में 100 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई, जिससे दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही।
हर क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई, बचने का मौका नहीं-
अभियान की खासियत यह रही कि विभाग ने किसी एक इलाके तक खुद को सीमित नहीं रखा। नेपियर टाउन, गोरखपुर, रसल चौक, शास्त्री ब्रिज, बिलहरी, तिलहरी, ओमती, रांझी, अधारताल समेत पॉश और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी टीमों ने एक साथ दबिश दी। लंबे समय से बकाया नहीं चुकाने वाले 10 परिसरों पर सीधे तालाबंदी की कार्रवाई की गई, जबकि कई जगहों पर डीआरए प्रक्रिया के तहत सामान जब्त किया गया।
टेड़ी नीम में औद्योगिक चोरी का भंडाफोड़-
संवेदनशील माने जाने वाले टेड़ी नीम इलाके में जांच के दौरान आधा दर्जन से अधिक कारखाने बिजली चोरी करते पकड़े गए। विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत प्रकरण दर्ज किए। कुछ इकाइयों में तालाबंदी के साथ संपत्ति सीज कर तहसीलदार के अधिकारों के तहत सीलिंग की कार्रवाई भी की गई, जिससे अवैध संचालन पर तत्काल रोक लगाई गई।
स्पॉट पर वसूली, कार्रवाई का असर दिखा-
रद्दी चौकी स्थित विधान हॉस्पिटल के संचालक डॉ. मोहसिन अंसारी ने कार्रवाई के दौरान ही लगभग 3 लाख रुपये का बकाया जमा कर दिया, जिससे उनकी बिजली आपूर्ति कटने से बच गई। विभाग की सख्ती का असर अन्य बकायादारों पर भी साफ नजर आया।
जब्ती और रिकॉर्ड रिकवरी-
कार्रवाई के दौरान मोटरसाइकिल, फ्रिज, कूलर, वेल्डिंग मशीन, ड्रिल मशीन, टीवी सहित कई उपकरण जब्त किए गए। वहीं 205 प्रकरणों में मौके पर ही 21 लाख रुपये से अधिक की वसूली की गई, जिसे विभाग बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
पुराने बकायों की भी खुली परतें-
जांच में ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें 10 साल तक का बकाया लंबित था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी से जुड़े प्रकरणों में विस्तृत बिलिंग और दंडात्मक राशि का निर्धारण कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किया जाएगा। इस व्यापक कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब बिजली चोरी और बकाया बिल के मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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