जबलपुर में बेखौफ बदमाश! रांझी से तिलवारा तक चाकूबाजी, घर में घुसकर हमला और तोड़फोड़… आखिर पुलिस का खौफ किसे?
बेखौफ बदमाश! रांझी से तिलवारा तक चाकूबाजी, घर में घुसकर हमला और तोड़फोड़… आखिर पुलिस का खौफ किसे?

जबलपुर में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों रांझी, अधारताल, माढ़ोताल और तिलवारा में एक ही दिन के भीतर चाकूबाजी, मारपीट, घर में घुसकर हमला और लाखों की तोड़फोड़ जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इन वारदातों ने पुलिस की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे पहले रांझी थाना क्षेत्र के मढ़ई ऑटो स्टैंड में एक महिला से शराब पीने के लिए 500 रुपये मांगे गए। विरोध करने पर राज कोल ने चाकू से हमला कर महिला की जांघ में वार कर दिया, जबकि उसके साथी अनुज कोल और अभिषेक कोल ने बेरहमी से मारपीट की। तीनों आरोपी खुलेआम जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
इसी रांझी थाना क्षेत्र के इंद्रानगर में शादी समारोह के दौरान भी खूनी विवाद हुआ। मंजीत चौधरी और सोनू चौधरी ने शराब के लिए एक हजार रुपये मांगे। इनकार करने पर चाकू से हमला कर अमर भूमिया को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे परिजनों के साथ भी मारपीट की गई। घायल को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा, लेकिन आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
अधारताल थाना क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए आए सरकारी अधिकारी और उनके साथियों को भी बदमाशों ने नहीं बख्शा। मामूली विवाद के बाद लखन घसिया, शिवा वाल्मीक और नवीन केवट ने रास्ता रोककर हमला किया और मारपीट कर घायल कर दिया। सरकारी अधिकारी तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है।
सबसे चौंकाने वाली घटना माढ़ोताल थाना क्षेत्र की दीक्षित कॉलोनी में हुई, जहां विक्की उर्फ मनीष पटेल, राजू पटेल, विनय पटेल और उनके साथियों ने पहले विवाद किया, फिर घर का गेट खोलकर अंदर घुस गए। आरोप है कि परिवार के लोगों को घर से घसीटकर सड़क पर लाया गया और लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा गया। इस हमले में मोहित तिवारी, उनकी मां और बेटा घायल हुए।
वहीं तिलवारा थाना क्षेत्र स्थित विष्णु ढाबा में अज्ञात बदमाशों ने जमकर तोड़फोड़ की। ढाबे का सामान, सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर और कार को नुकसान पहुंचाया गया। पीड़ित के अनुसार करीब दो लाख रुपये की क्षति हुई है। घटना के बाद आरोपी धमकी देकर फरार हो गए।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जबलपुर में अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है? शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक के बाद एक हो रही वारदातें बताती हैं कि बदमाश बेखौफ होकर कानून को चुनौती दे रहे हैं। हालांकि पुलिस ने सभी मामलों में अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू करने की बात कही है, लेकिन जब तक इन घटनाओं के आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंचते, तब तक कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवाल थमने वाले नहीं हैं।



