पसंद की महिला किसी और से बात करती थी तो भड़क उठा आरोपी! नंदनी की मौत ने खोले हत्या के राज,

जबलपुर। शहर में एक के बाद एक सामने आ रही हत्या और गंभीर आपराधिक घटनाओं के बीच गोरा बाजार थाना क्षेत्र से सामने आया 19 वर्षीय नंदनी आर्मो की मौत का मामला बेहद गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक युवती, जो अपने परिवार से दूर मजदूरी कर जीवन गुजार रही थी, अचानक कमरे में बेहोश मिली और अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई। शुरुआत में मामला मर्ग के रूप में दर्ज हुआ, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने एक कथित हत्या की कहानी सामने आई।
कमरे में बेहोश मिली नंदनी, अस्पताल में मौत,
पुलिस के मुताबिक 4 अक्टूबर को नंदनी की बहन देववती आर्मो ने परिवार को सूचना दी कि नंदनी कमरे के अंदर बेहोश पड़ी है। परिजन तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे विक्टोरिया अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रात करीब 10:55 बजे डॉक्टरों ने नंदनी को मृत घोषित कर दिया।
नंदनी की मौत ने परिवार को अंदर तक हिला दिया। एक युवा जिंदगी अचानक खत्म हो गई और परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल था—आखिर नंदनी के साथ हुआ क्या था?
मर्ग जांच ने बदली पूरी कहानी,
नंदनी की मौत के बाद गोरा बाजार पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने मृतिका के पिता, बहन और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस के मुताबिक बयानों में प्रमोद महोबिया पर नंदनी के साथ मारपीट करने, गला दबाने और उसका सिर जमीन पर पटकने के आरोप सामने आए।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 103(3) के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया। यानी जो मामला शुरुआत में एक युवती की संदिग्ध मौत के रूप में सामने आया था, वह जांच के बाद हत्या के मामले में बदल गया।
दूसरे व्यक्ति से बात करने को लेकर विवाद का आरोप,
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह नंदनी को पसंद करता था। पुलिस के अनुसार नंदनी के किसी दूसरे व्यक्ति से बात करने की जानकारी मिलने के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान मारपीट हुई और नंदनी के सिर को जमीन पर पटकने तथा गला दबाने से उसकी मौत हो गई।
यह मामला सिर्फ एक हत्या की जांच नहीं, बल्कि उस मानसिकता पर भी सवाल खड़ा करता है जिसमें किसी महिला की पसंद, बातचीत या व्यक्तिगत संबंधों को लेकर हिंसा का रास्ता अपनाया जाता है।
गोरा बाजार पुलिस की भूमिका पर भी सवाल,
मामले में पुलिस ने मर्ग जांच के बाद हत्या का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके बावजूद सवाल यह है कि नंदनी की मौत के पीछे छिपी पूरी कहानी सामने आने में कितना समय लगा और क्या ऐसे मामलों में शुरुआती जांच को और ज्यादा संवेदनशील तथा वैज्ञानिक बनाया जा सकता है?
हालांकि उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस की लापरवाही को सीधे तौर पर साबित तथ्य नहीं कहा जा सकता। मर्ग जांच के बाद परिजनों और गवाहों के बयान लिए गए और उन्हीं के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। अब आगे की विवेचना में पोस्टमार्टम, मेडिकल साक्ष्य और अन्य जांच से घटना की परिस्थितियां और स्पष्ट होंगी।
जबलपुर में बढ़ती हिंसक घटनाओं के बीच बड़ी चुनौती,
नंदनी की मौत ऐसे समय सामने आई है जब जबलपुर में हत्या, चाकूबाजी और आपसी विवाद से जुड़ी कई घटनाएं लगातार चर्चा में हैं। हर घटना के बाद पुलिस की सक्रियता और अपराधियों पर कार्रवाई की परीक्षा होती है। सवाल यह भी है कि क्या विवाद बढ़ने से पहले पुलिस की निगरानी और सूचना तंत्र को और मजबूत किया जा सकता है?
आरोपी गिरफ्तार, अब जांच पर निगाह,
घटना को गंभीरता से लेते हुए एसपी सम्पत उपाध्याय ने आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एएसपी जोन-4 अंजना तिवारी के मार्गदर्शन में और गोरा बाजार थाना प्रभारी संजीव त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कटियाघाट में दबिश देकर प्रमोद महोबिया, उम्र 34 वर्ष, निवासी कटियाघाट बरेला को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि एक 19 वर्षीय युवती की जिंदगी आखिर क्यों खत्म हुई? क्या सिर्फ पसंद और किसी दूसरे व्यक्ति से बातचीत का विवाद हत्या की वजह बना? इन सवालों के जवाब जांच के अंतिम निष्कर्ष और न्यायालयीन प्रक्रिया से सामने आएंगे। फिलहाल नंदनी के परिवार के लिए यह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि जिंदगी भर न भरने वाला खालीपन है।

