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बजाग में योजनाओं की लंबी समीक्षा, समस्याओं की फेहरिस्त भी उतनी ही लंबी -संभागायुक्त ने स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, खाद वितरण और जैविक खेती देखी, बैठक में नामांकन से लेकर मत्स्य नीति तक हुई चर्चा, दूरस्थ आदिवासी अंचल में सड़क, डॉक्टर, नेटवर्क और रोजगार जैसे सवाल अब भी जवाब की प्रतीक्षा में

बजाग में योजनाओं की लंबी समीक्षा, समस्याओं की फेहरिस्त भी उतनी ही लंबी -संभागायुक्त ने स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, खाद वितरण और जैविक खेती देखी, बैठक में नामांकन से लेकर मत्स्य नीति तक हुई चर्चा, दूरस्थ आदिवासी अंचल में सड़क, डॉक्टर, नेटवर्क और रोजगार जैसे सवाल अब भी जवाब की प्रतीक्षा में

, डिंडौरी। आकांक्षी विकासखंड बजाग में संभागायुक्त धनंजय सिंह का सघन दौरा शासन की योजनाओं की प्रगति जांचने और अधिकारियों को निर्देशों की नई सूची सौंपने के नाम रहा। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, छात्रावासों में प्रवेश, स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां, सहकारी समितियों में खाद, किसानों की जैविक खेती और वन्या रेडियो केंद्र तक का निरीक्षण हुआ। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय में लंबी समीक्षा बैठक हुई, जिसमें लगभग हर विभाग की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों के लिए निर्देशों का मेन्यू काफी विस्तृत रहा, जबकि अल्पाहार में केला, चिप्स और चूड़ा परोसा गया।

स्कूल-सहकारी दोनों परखी-
संभागायुक्त ने हाईस्कूल सरवाही पहुंचकर विद्यार्थियों से शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली और नियमित पढ़ाई की सलाह दी। आयुष्मान आरोग्य मंदिर हर्रा टोला में दवाइयों की उपलब्धता व वितरण पंजी देखी। सहकारी संस्था में खाद वितरण व्यवस्था की जांच की गई। मझियाखार में कृषक जीतेन्द्र साहू के जैविक उद्यानिकी मॉडल का अवलोकन कर किसानों को उद्यानिकी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। ग्राम पंचायत चांडा के वन्या रेडियो सेंटर का भी निरीक्षण किया गया।

स्पष्टीकरण मांगकर बुलाया जबलपुर-
सरवाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य एवं पोषण प्रबंधन की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन, टीकाकरण, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कम प्रगति वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश भी दिए गए। जिसका सीधा मतलब जबलपुर आओ और अपनी सफाई प्रस्तुत करो।

सिर्फ निर्देश, पालन अब तक नहीं-
कलेक्टर कार्यालय में हुई बैठक में राजस्व प्रकरण, सड़क सुरक्षा, ब्लैक स्पॉट, पीएम राहत, वनाधिकार अधिनियम, पीएम आवास, संबल, जल गंगा संवर्धन, पीएम जनमन, पीएमजीएसवाय, जल जीवन मिशन, खाद-बीज, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और सहकारिता योजनाओं की समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने सभी स्कूलों और छात्रावासों में प्रवेश व नामांकन अभियान चलाने, अपार आईडी बनाने, पुस्तकों का समय पर वितरण करने तथा सीएम राइज स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप हैं निर्देश बैठकों तक रहते हैं लेकिन असर बेअसर रहता है।

जमीनी चुनौतियां अभी भी गंभीर-
हालांकि जिले की जमीनी चुनौतियां अभी भी गंभीर हैं। दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में सड़क और परिवहन संपर्क कमजोर है, स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, स्कूलों में शिक्षक कम हैं और पेयजल, बिजली तथा मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। रोजगार के सीमित अवसरों से पलायन बढ़ रहा है। वनाधिकार पट्टों के लंबित मामले, सिंचाई की कमी और वन्यजीवों से फसल नुकसान किसानों की परेशानी बढ़ाते हैं।

यह रहे उपस्थित-
बैठक में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, पुलिस कप्तान आशीष खरे, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। दौरे में निर्देश बहुत मिले हैं, अब देखना यह है कि केला, चिप्स और चूड़े के बाद फाइलों में दर्ज ये निर्देश गांवों तक कब पहुंचते हैं।

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