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बमबाजी का आरोपी गिरफ्त में, पुलिस के साथ “दोस्ती अंदाज” में निकला जुलूस, पुलिस “दोस्ती मोड” में! आरोपी के अंदाज ने खड़े किए बड़े सवाल

बमबाज के चेहरे पर नहीं दिखा कानून का डर! पुलिस संग “दोस्ती अंदाज” में निकला आरोपी, उठे बड़े सवाल

जबलपुर में बमबाजी जैसे गंभीर अपराध के आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जो तस्वीरें सामने आई हैं, उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कैंट थाना क्षेत्र के लियो कंपाउंड, पुल नंबर-2 स्थित नेहरू नगर अन्ना बस्ती में हुई बमबाजी की घटना के मुख्य आरोपी सोनू उर्फ प्रवीण कोष्टा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेकिन गिरफ्तारी के बाद आरोपी जिस बेफिक्र अंदाज में पुलिस के साथ चलता दिखाई दिया, उसने लोगों को हैरान कर दिया। आरोपी के चेहरे पर न कानून का डर दिखाई दिया और न ही अपने अपराध को लेकर किसी तरह का पछतावा। अब शहर में चर्चा इस बात की है कि आखिर एक बमबाजी का आरोपी पुलिस के साथ इतना सहज कैसे नजर आया?

करीब 15 दिन पहले कैंट थाना क्षेत्र के लियो कंपाउंड इलाके में उस समय दहशत फैल गई थी, जब बदमाशों ने मारी अम्मा के घर के पास बमबाजी की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों का कहना था कि धमाके की आवाज से लोग घरों से बाहर निकल आए थे और इलाके में भय का वातावरण बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कैंट थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात में सोनू उर्फ प्रवीण कोष्टा समेत कई लोग शामिल थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले ही दो आरोपियों आशीष और गणेश को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य आरोपी सोनू कोष्टा लगातार फरार चल रहा था। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और अलग-अलग जगहों पर छिपकर रह रहा था।

कैंट थाना प्रभारी पुष्पेंद्र पटेल के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। लेकिन गिरफ्तारी के बाद सामने आए वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।

वीडियो में आरोपी पुलिसकर्मियों के साथ बेहद आरामदायक और बेफिक्र अंदाज में चलता नजर आया। ऐसा लग रहा था मानो वह किसी गंभीर अपराध का आरोपी नहीं बल्कि पुलिस का परिचित हो। उसके चेहरे पर न तनाव दिखाई दिया, न डर और न ही किसी प्रकार की घबराहट। यही वजह है कि अब लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब बमबाजी जैसे मामलों के आरोपी पुलिस के साथ इस तरह सहज दिखाई देंगे, तो इससे अपराधियों के हौसले बढ़ेंगे और आम जनता के मन में कानून का डर कमजोर पड़ेगा।

घटना के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें बमबाजी की हलचल दिखाई दे रही है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस वारदात के पीछे असली वजह क्या थी और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। हालांकि लोगों का कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिससे समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि कानून से बड़ा कोई नहीं।

फिलहाल बमबाजी का आरोपी जेल पहुंच चुका है, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान उसका बेखौफ अंदाज और पुलिस के साथ दिखाई दी सहजता अब शहर में चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है। सवाल यही है कि क्या पुलिस का रवैया अपराधियों में कानून का डर खत्म कर रहा है, या फिर यह सिर्फ एक तस्वीर का दूसरा पहलू है?

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