जबलपुर: सिवनी हवाला डकैती के मामले में एसआईटी की बड़ी कार्रवाई, बालाघाट के डीएसपी पंकज मिश्रा, सहित चार गिरफ्तार

जबलपुर। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में अक्टूबर महीने में पुलिस जांच के दौरान मिले हवाला के 2.96 करोड़ रुपये हड़पे जाने के मामले की जांच कर रही एसआइटी ने एक और डीएसपी व इंस्पेक्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले एसडीओपी/डीएसपी पूजा पांडे समेत 11 पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया गया था। जो जेल में हैं।
हवाला के 2.96 करोड़ रुपये की डकैती मामले में जबलपुर के विशेष जांच दल (SIT) ने 18 नवंबर मंलगवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीओपी पूजा पांडे के बैच मेट तथा हाक फोर्स बालाघाट में पदस्थ एसडीओपी (डीएसपी) पंकज, जबलपुर क्राइम ब्रांच आरक्षक प्रमोद सोनी के अलावा दो अन्य व्यक्तियों पंजू गिरी गोस्वामी कटनी, वीरेन्द्र दीक्षित जबलपुर को गिरफ्तार कर सिवनी न्यायालय में पेश किया है।
चारों आरोपितों को न्यायालय ने पूछताछ के लिए दो दिनों की पुलिस रिमांड दी है। दो दिनों की पुलिस रिमांड में आरोपितों से एसआईटी पूछताछ कर मामले में आगे की जांच करेगी। जानकारी के अनुसार गिरफ्तार वीरेन्द्र दीक्षित जेल में कैद एसडीओपी पूजा पांडे का बहनोई (जीजा) है। जबकि पंजू गिरी गोस्वामी कटनी निवासी बताया जा रहा है, जिसने इस लूट की घटना में हवाला रुपयों के परिवहन होने की सूचना संबंधितों तक पहुंचाई थी।
चारों आरोपित हवाला की रकम पकड़े जाने के बाद से लगातार एसडीओपी पूजा पांडे के संपर्क में बने हुए थे जबलपुर/सिवनी/बालाघाट। सिवनी के सीलादेही में 8 अक्टूबर की रात को हुई हवाला के पैसों की डकैती के मामले में एसआईटी (क्राइम ब्रांच-जबलपुर) ने सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात बड़ी कार्रवाई की है। जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित एसआईटी की टीम ने डीएसपी हॉकफोर्स पंकज मिश्रा को सोमवार देर शाम बालाघाट से गिरफ्तार किया है, दूसरी टीम ने जबलपुर क्राइम ब्रांच में पदस्थ आरक्षक प्रमेाद सोनी को गिरफ्तार किया।
जबलपुर मे कार्रवाई को अंजाम दे रही टीम ने यहां के बड़े हवाला कारोबारी पंजू गिरी गोस्वामी को भी उठाया। रीवा सेंट्रल जेल में बंद सिवनी की निलंबित एसडीओपी पूजा पांडेय के जीजा वीरेंद्र दीक्षित को भी इस बहुचर्चित मामले में एसआईटी ने गिरफ्तार किया है। ये चारों आरोपित डकैती वाली रात से बराबर पूजा पांडेय के संपर्क में थे और इनकी वाट्सएप कॉल पर बराबर बात हो रही थी। इन 4 नई गिरफ्तारियों के साथ हवाला डकैती कांड में कुल आरोपितों की संख्या 15 हो गई है, इनमें 13 आरोपित पुलिस वाले हैं।
आईजी (जबलपुर) प्रमोद वर्मा ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए बताया कि, अपराधिक षडय़ंत्र में शामिल होने पर चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है। जैसे-जैसे नए तथ्य और साक्ष्य सामने आते जाएंगे इस बड़े षडय़ंत्र में शामिल हरेक आरोपी पर शिकंजा कसा जाएगा। कोर्ट ने रिमांड पर सौंपा चारों आरोपितों को मंगलवार को सिवनी कंट्रोल रूम ले जाया गया। वहां पूछताछ के बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किए गए चारों आरोपितों को कोर्ट ने पुलिस को 2 दिन की रिमांड पर सौंप दिया है।
फिलहाल सभी आरोपितों से सिवनी में ही पूछताछ की जाएगी और 20 नवंबर को इन्हें पुन कोर्ट में पेश किया जाएगा। ज्ञात हो कि आठ अक्टूबर की रात को सीलादेही के पास नेशनल हाईवे पर कार सवार हवाला कारोबारियों से 2.96 करोड़ की डकैती की गई थी। पूर्व में गिरफ्तार एसडीओपी पूजा पांडेय तथा बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम समेत सभी 11 आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है।
जबलपुर से आई एसआईटी (क्राइम ब्रांच) की टीम ने सोमवार देर शाम बड़े ही गोपनीय तरीके से दबिश देते हुए डीएसपी हॉक फोर्स पंकज मिश्रा को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें तत्काल सिवनी ले जाया गया, जहां उनसे हवाला ट्रांजेक्शन और उसके नेटवर्क से संभावित संबंधों को लेकर पूछताछ की गई। डीएसपी रैंक के अधिकारी की गिरफ्तारी से साफ हो चुका है कि देश भर में चर्चित इस हवाला डकैती कांड की जांच अब संवेदनशील दायरे में प्रवेश कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि दो दिन की पुलिस रिमांड के दौरान इनसे होने वाली पूछताछ में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
पूजा पांडेय के मोबाइल डाटा की रिकवरी और स्टडी से खुला राज इस मामले की जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर वॉट्सएप में ईमेल कर निलंबित एसडीओपी पूजा पांडेय के मोबाइल की कॉल डीटेल्स मंगवाई गई थी, जिससे इस बात का खुलासा हुआ कि चारों आरोपी आठ अक्टूबर की रात हवाला की रकम पकड़े जाने के बाद से लगातार संपर्क में थे। यह भी सामने आया कि 8 अक्टूबर की रात को, पंकज मिश्रा को पूजा पांडेय वाट्सएप कॉल पर हर पल की अपडेट दे रही थीं और उनके बताए अनुसार ही हवाला की बड़ी राशि को हड़पने का जाल बिछा रही थीं।
DSP पंकज का खासम खास क्राइम ब्रांच में पदस्थ आरक्षक प्रमोद, हवाला कारेबारी पंजू और पूजा का जीजा वीरेंद्र भी वाट्सएप के माध्यम से लगातार संपर्क में बने हुए थे और बातचीत करते हुए हवाला की रकम की डकैती डालने की साजिश रच रहे थे। पूजा के जीजा वीरेंद्र को छोड़ दें तो पंकज मिश्रा, प्रमोद सोनी व पंजू की तिकड़ी हमेशा से चर्चा में रही है। पंकज मिश्रा जब जबलपुर में ओमती सीएसपी थे तब प्रमोद वहां उनके पास था। प्रमोद की पंजू से गहरी दोस्ती थी और वह हवाला की रकम को यहां से वहां भेजने में उसकी मदद करता था। प्रमोद ने ही पंजू की पंकज से मुलाकात कराई थी।
जबलपुर के ओमती, बेलबाग और सिविल लाइन थाना क्षेत्र सीएसपी पंकज मिश्रा के अधिकार क्षेत्र में थे और सीएसपी के हस्तक्षेप के चलते पंजू को हवाला की रकम रेलवे स्टेशन पहुंचाने व स्टेशन से करमचंद चौक स्थित अपनी खिलौने की दुकान तक पहुंचाने में कोई परेशानी नहीं होती थी।
चारों आरोपितों को न्यायालय ने पूछताछ के लिए दो दिनों की पुलिस रिमांड दी है। दो दिनों की पुलिस रिमांड में आरोपितों से एसआईटी पूछताछ कर मामले में आगे की जांच करेगी। जानकारी के अनुसार गिरफ्तार वीरेन्द्र दीक्षित जेल में कैद एसडीओपी पूजा पांडे का बहनोई (जीजा) है। जबकि पंजू गिरी गोस्वामी कटनी निवासी बताया जा रहा है, जिसने इस लूट की घटना में हवाला रुपयों के परिवहन होने की सूचना संबंधितों तक पहुंचाई थी।
प्रकरण में जांच कर रहे जबलपुर क्राइम ब्रांच एएसपी व एसआइटी प्रभारी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थ एसडीओपी (डीएसपी) पंकज मिश्रा, जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी के अलावा पंजू गिरी गोस्वामी कटनी, वीरेन्द्र दीक्षित जबलपुर शामिल हैं। दो दिनों की रिमांड में चारों आरोपितों से पूछताछ कर एसआईटी प्रकरण में विस्तृत जांच कर रही है। हवाला प्रकरण में बालाघाट हाकफोर्स एसडीओपी समेत चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद प्रकरण में आरोपितों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
इस प्रकरण में पहले से गिरफ्तार एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम सहित अन्य 9 पुलिस कर्मियों की न्यायिक हिरासत 26 नवंबर तक न्यायालय ने बढ़ा दी है। एसडीओपी पूजा पांडे व उसके ड्रायवर रितेश वर्मा ने हाईकोई में जमानत याचिका लगाई है। जानकारी के अनुसार एसडीओपी पूजा पांडे सेंट्रल जेल रीवा तथा शेष 10 पुलिस कर्मी नरसिंहपुर सेंट्रल जेल में बंद है। जेल में बंद 10 पुलिस कर्मियों की न्यायिक रिमांड में न्यायालय ने सभी 11 पुलिस कर्मियों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड में जेल भेजा था।
