खुद तीन-तीन मर्डर किए मैंने!’ भाजपा महिला नेत्री का वीडियो वायरल,सीएम का काफिला रोकने से लेकर सनसनीखेज दावे तक, सत्ताधारी दल की जवाबदेही पर सवाल
जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार में मंत्री हों या पार्टी पदाधिकारी, बेलगाम बयानबाजी और विवाद अब सत्ताधारी दल के लिए लगातार परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। ताजा मामला शनिवार को जबलपुर से सामने आया, जहां भाजपा की एक महिला नेत्री से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। वीडियो में किए गए दावों ने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सत्ताधारी दल की आंतरिक अनुशासन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीएम का काफिला रोकने से शुरू हुआ विवाद-
भाजपा महिला नेत्री शिखा शर्मा, पति केके शर्मा, उस समय सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने गत दिनों मदन महल क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोक दिया था। इस दौरान उन्होंने मदन महल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि पुलिस ने एक दुकान मालिक से साठगांठ कर जबरन दुकान खाली करवाई। मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने की घटना के बाद यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ता चला गया।
दुकान मालिक के आरोप, कार्रवाई पर उठे सवाल-
दूसरी ओर, दुकान मालिक रवि पटेल का कहना है कि संबंधित दुकान एग्रीमेंट के आधार पर किराए पर दी गई थी, लेकिन शिखा शर्मा न तो नियमित किराया दे रही थीं और न ही दुकान खाली कर रही थीं। रवि पटेल ने मदन महल थाना और तहसीलदार कार्यालय में लिखित शिकायतें भी दी थीं, लेकिन प्रभावशाली राजनीतिक रसूख के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। इस बिंदु पर प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें-
मामले में नया और सबसे सनसनीखेज मोड़ उस समय आया, जब शिखा शर्मा का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में वह स्वयं तीन-तीन हत्या करने का दावा करती नजर आ रही हैं। यही नहीं, वीडियो में दो पुलिस अधिकारियों के नाम लिए जाने की भी चर्चाएं हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसके सामने आते ही शहरभर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
सत्ताधारी दल की साख पर सीधा सवाल-
इस घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि सत्ताधारी दल से जुड़ी नेत्रियां इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना और आपराधिक संकेत देने वाले बयान देती नजर आएं, तो आम जनता का भरोसा कानून और व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा। नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और कानून का राज स्थापित हो।
इनका कहना हैं– वर्तमान में शिखा शर्मा महिला मोर्चा के किसी भी पद पर नहीं है। वीडियो की जानकारी मुझे नहीं है देखने के उपरांत ही कुछ बोलना मुनासिब होगा।
अश्वनी पराजंपे, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महिला माेर्चा
सोशल मीडिया में वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रितेश कुमार शिव, सीएसपी कोतवाली
