जबलपुर के मेडिकल अस्पताल में HLL और UDS प्राइवेट ठेका कंपनी के अधिकारियों की मनमानी, खामोश बैठे मेडिकल अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में HLL और UDS प्राइवेट ठेका कंपनी की बड़ी लापरवाही सामने आई जहां मेडिकल कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिसके चलते आज मेडिकल के कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी जिसके चलते मेडिकल में आने जाने वाले मरीजों को और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पडा,

मेडिकल अस्पताल (नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज) में वार्ड बॉय और सफाई कर्मचारियों ने वेतन न मिलने और अन्य सुविधाओं की कमी के कारण हड़ताल की है, जिससे अस्पताल परिसर और वार्डों में गंदगी फैल गई है, मरीज़ों और उनके परिजनों को भारी असुविधा हो रही है, और गैर-प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा वेंटिलेटर जैसे उपकरणों के संचालन जैसी गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में है।

हड़ताल के मुख्य कारण,वेतन भुगतान में देरी, कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन समय पर नही मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। इसके जिम्मेदार प्राइवेट ठेका कंपनी है

हड़ताल का असर,अस्पताल में गंदगी,
सफाई न होने से पूरे परिसर, वार्डों, गलियारों और शौचालयों में गंदगी फैली हुई है। मरीजों को परेशानी: इलाज के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं के लिए भी मरीज़ों को संघर्ष करना पड़ रहा है।

प्रशासन का रुख,
अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं,यह स्थिति मेडिकल अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं और स्वास्थ्य व्यवस्था में खामियों को उजागर करती है, जहां वेतन और सुविधाओं के अभाव में मरीज़ों का जीवन खतरे में पड़ रहा है।
मेडिकल कर्मचारियों का आरोप,
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में HLL और UDS प्राइवेट ठेका कंपनी की लापरवाही के चलते उन्हें यह परेशानियां आ रही है जिसकी शिकायत उनके द्वारा मेडिकल के डीन नवनीत सक्सेना अधीक्षक अरविंद शर्मा को भी शिकायत दि है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अभी तक प्राइवेट ठेका कंपनी के खिलाफ कोई भी कम नहीं उठाया है जिसके चलते मेडिकल अस्पताल के कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की,

चुप्पी सजे बैठे हुए मेडिकल अधीक्षक,
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में प्राइवेट ठेका कंपनी के अधिकारियों की मनमानी के चलते मेडिकल के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी सादे हुए हैं जिन्हें कंपनी के बारे में हर जानकारी होने के बाद भी ठेका कंपनी के अधिकारियों पर अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है आखिर इसका जिम्मेदार कौन है
