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जबलपुर: गोरखपुर में कानून व्यवस्था पर सवाल: नाबालिग को चाकू मारकर भागा बदमाश, पुलिस गश्त पर उठे सवाल

गोरखपुर में बदमाश बेखौफ, पुलिस पर उठे सवाल: नाबालिग से शराब के लिए पैसे मांगे, मना करने पर मारा चाकू

जबलपुर का गोरखपुर थाना क्षेत्र एक बार फिर अपराध की घटना को लेकर चर्चा में है। इलाके में लगातार बढ़ रही चाकूबाजी और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला उस वक्त सामने आया जब एक नाबालिग छात्र पर सिर्फ शराब पीने के लिए पैसे नहीं देने पर चाकू से हमला कर दिया गया। घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भैसासुर रोड शनि मंदिर के पीछे आजाद चौक रामपुर निवासी 17 वर्षीय सौर्य पटेल ने गोरखपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित छात्र ने बताया कि वह पढ़ाई करता है और 11 मई 2026 की शाम करीब 5:30 बजे रोजाना की तरह वॉकिंग करने पांडुताल ग्राउंड गया था।

वॉकिंग के बाद जब वह वापस घर लौट रहा था, तभी पांडुताल के पहले कृष्णा उर्फ केशू बेन नामक युवक ने उसे रोक लिया। आरोपी ने छात्र को बुलाकर शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। नाबालिग द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी।

विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अचानक चाकू निकालकर छात्र पर हमला कर दिया। हमले में सौर्य की दाहिनी जांघ में चोट आई। घायल छात्र दर्द से चीखता रहा, जबकि आरोपी मौके से जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गोरखपुर क्षेत्र में आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन अपराधियों में पुलिस का खौफ नजर नहीं आता। शाम के समय कई इलाकों में असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं, जिससे आम लोग, खासकर छात्र और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

लोगों का आरोप है कि यदि क्षेत्र में पुलिस गश्त और निगरानी मजबूत होती तो शायद इस तरह की वारदात को रोका जा सकता था। लगातार बढ़ती घटनाओं के कारण क्षेत्र के नागरिकों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

फिलहाल गोरखपुर पुलिस ने आरोपी कृष्णा उर्फ केशू बेन के खिलाफ धारा 296(बी), 118(1), 119(1), 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश जारी है।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक गोरखपुर क्षेत्र में बदमाश खुलेआम वारदात करते रहेंगे और आम नागरिक डर के साए में जीने को मजबूर रहेंगे।

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