एक के बाद एक हादसे… जबलपुर में मौत का मंजर: सड़क दुर्घटनाओं और लापरवाही ने छीनी कई जिंदगियां”
एक के बाद एक हादसे… जबलपुर में मौत का मंजर: सड़क दुर्घटनाओं और लापरवाही ने छीनी कई जिंदगियां”

जबलपुर जिले में बीते कुछ दिनों में हुई घटनाओं ने एक डरावनी तस्वीर सामने रख दी है, जहां अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगातार हो रही अकाल मौतों ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है। सड़क हादसे, गिरने से लगी चोटें और अज्ञात शव मिलने जैसी घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि जरा सी चूक किस तरह जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
पनागर थाना क्षेत्र में 29 अप्रैल की रात बघेली मोड़ के पास एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए रामकरण यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। पहले उन्हें स्वास्तिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर 2 मई को मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
इसी थाना क्षेत्र में 1 मई की रात एनएच-30 स्थित बंजारी माता मोड़ के पास एक और भीषण सड़क हादसा हुआ। एक्टिवा से जा रहे तीन लोग अचानक दुर्घटना का शिकार हो गए। इस हादसे में मंगली चौधरी (42 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अमरदीप चौधरी और रामशरण चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का इलाज अस्पताल में जारी है और पुलिस दुर्घटना के कारणों की बारीकी से जांच कर रही है।
मझौली थाना क्षेत्र में भी एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 30 अप्रैल की रात शादी समारोह में शामिल होने गए अनिल सिंह राजपूत की सड़क हादसे में मौत हो गई। ग्राम बुडरई के पास हुए इस हादसे में उन्हें सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।
घमापुर थाना क्षेत्र में चंदन पाल (40 वर्ष) की मौत ने भी कई सवाल खड़े किए हैं। बताया जा रहा है कि वह शराब के नशे में गिर गए थे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
वहीं सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कैरब्ज तिराहे के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए उसकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
इन सभी मामलों में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन और व्यक्तिगत सतर्कता बेहद जरूरी है। अगर समय रहते सावधानी बरती जाए, तो ऐसी कई दर्दनाक घटनाओं को टाला जा सकता है।



