जबलपुर में बेक़ाबू रफ्तार का खौफ: जबलपुर में 24 घंटे में 5 मौतें, हर मोड़ पर मौत का खतरा
बेक़ाबू रफ्तार का खौफ: जबलपुर में 24 घंटे में 5 मौतें, हर मोड़ पर मौत का खतरा

मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में सड़क हादसों ने भयावह स्थिति पैदा कर दी है। बीते 24 घंटों के भीतर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए दर्दनाक हादसों में पांच लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं ने न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है। तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी इन हादसों की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई है।
सिहोरा: तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत,
सबसे पहला मामला सिहोरा थाना क्षेत्र का है, जहां 1 मई की देर रात पंचवटी ढाबा के पास एक तेज रफ्तार कार ने मोटरसाइकिल को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। बाइक पर सवार अमन कोरी और उनके रिश्तेदार कटनी की ओर जा रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अमन को गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत सिहोरा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और गांव में मातम का माहौल बन गया।
पाटन: सड़क पर पड़ा मिला युवक,
दूसरी घटना पाटन थाना क्षेत्र के बनवार तिराहे की है, जहां देर रात पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। मृतक की पहचान राजेश उर्फ राजा बर्मन, निवासी सिविल लाइन पाटन के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में यह मामला भी सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है।
भेड़ाघाट: काम पर जाते समय हादसा,
तीसरी घटना भेड़ाघाट थाना क्षेत्र की है, जहां सुबह के समय काम पर जा रहे विनोद यादव एक सड़क हादसे का शिकार हो गए। त्रिपुर सुंदरी मंदिर गेट के पास एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में विनोद को गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोसलपुर: भाई-बहन की एक साथ मौत,
चौथी और सबसे दर्दनाक घटना गोसलपुर थाना क्षेत्र में सामने आई, जहां बघेल पेट्रोल पंप के पास हुए सड़क हादसे में भाई-बहन की एक साथ मौत हो गई। मृतकों की पहचान रंजीत कोल और सोम बाई कोल के रूप में हुई है। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
लगातार हो रहे इन हादसों ने यह साफ कर दिया है कि जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की कमी, यातायात नियमों का पालन न करना और प्रशासनिक निगरानी की कमी इन घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।
जरूरत है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए। जब तक आम नागरिक खुद जिम्मेदारी नहीं समझेंगे और नियमों का पालन नहीं करेंगे, तब तक इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।



