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कार पलटी तो खुल गई शराब तस्करी की पोल! 1050 पाव शराब के साथ युवक गिरफ्तार, बड़े मछलियों तक कब पहुंचेगी पाटन पुलिस?

वेन्यू कार में भरकर जा रही थी शराब, आखिर किसके इशारे पर चल रहा था कारोबार? पाटन में अवैध शराब का बड़ा खुलासा, लेकिन असली खिलाड़ी कौन? हादसे ने खोली शराब कारोबार की पोल, अब बड़े नामों के खुलासे का इंतजार

जबलपुर के पाटन थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे ने अवैध शराब के बड़े खेल की परतें खोल दी हैं। ग्राम सहसन के पास एक वेन्यू कार के पलटते ही उसमें भरी 1050 पाव देशी शराब सड़क पर बिखर गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया और लाखों रुपये की शराब जब्त कर ली। लेकिन इस कार्रवाई के बाद कई ऐसे सवाल खड़े हो गए हैं जिनका जवाब अभी तक नहीं मिला है। आखिर इतनी बड़ी खेप का असली मालिक कौन है और यह शराब कहां पहुंचाई जा रही थी?

पुलिस के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली थी कि पाटन-शहपुरा मार्ग पर एक तेज रफ्तार वेन्यू कार अनियंत्रित होकर पलट गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि वाहन के आसपास शराब के पाव बिखरे पड़े हैं और एक युवक उन्हें समेटने की कोशिश कर रहा है। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम हिमांशु रजक निवासी घमापुर बताया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें कार्टूनों और बोरियों में रखी 1050 पाव देशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने करीब एक लाख पांच हजार रुपये की शराब और पांच लाख रुपये कीमत की वेन्यू कार जब्त कर ली।

हालांकि इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या केवल हिमांशु रजक ही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड है? इतनी बड़ी मात्रा में शराब का परिवहन किसी संगठित नेटवर्क के बिना संभव नहीं माना जाता। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि शराब किस ठेके, गोदाम या सप्लायर से निकाली गई थी और इसका वास्तविक मालिक कौन है।

यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि वाहन दुर्घटनाग्रस्त नहीं होता तो क्या यह खेप अपने गंतव्य तक पहुंच जाती और पूरा मामला कभी सामने ही नहीं आता। इससे अवैध शराब कारोबार की जड़ों तक पहुंचने की जरूरत महसूस हो रही है।

क्षेत्र में चर्चा है कि अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से सक्रिय है और कई बार छोटे लोगों पर कार्रवाई कर मामले को सीमित कर दिया जाता है। लेकिन इस बार लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या पुलिस केवल वाहन चालक तक ही जांच सीमित रखेगी या फिर पूरे नेटवर्क का खुलासा करेगी।

जनता यह भी जानना चाहती है कि शराब की यह खेप किसके लिए भेजी जा रही थी, इसके पीछे कौन लोग हैं और क्या आबकारी विभाग तथा पुलिस इस पूरे मामले में बड़े नामों को सामने लाएंगे।

फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर शराब और वाहन जब्त कर लिया है। लेकिन जब तक शराब के असली मालिक, सप्लायर और खरीददारों का खुलासा नहीं होता, तब तक यह कार्रवाई अधूरी मानी जाएगी। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर इस अवैध कारोबार की असली कड़ी कब सामने आएगी।

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