खाकी की गुंडागर्दी: अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन लाइन से युवक को उठाकर बेरहमी से पीटा, अब शिकायत दबाने का आरोप”
खाकी की गुंडागर्दी: अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन लाइन से युवक को उठाकर बेरहमी से पीटा, अब शिकायत दबाने का आरोप”

जबलपुर से सामने आई यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जहाँ एक ओर लोग आस्था और श्रद्धा के साथ अमरनाथ यात्रा की तैयारी में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस पर आम नागरिकों के साथ बर्बर व्यवहार करने के आरोप लग रहे हैं। पीड़ित गौरव कुमार महोलिया के अनुसार, वह रामपुर चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक में यात्रा के पंजीकरण के लिए लाइन में खड़ा था, तभी ड्यूटी पर मौजूद दो आरक्षकों—योगेंद्र और मिश्रा—ने बिना किसी वजह उसे लाइन से धक्का देकर बाहर निकाल दिया।
आरोप है कि पुलिसकर्मी यहीं नहीं रुके, बल्कि युवक को जबरन रामपुर पुलिस चौकी ले जाया गया, जहाँ बंद कमरे में करीब 15-20 मिनट तक उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। युवक के शरीर पर पड़े चोटों के निशान इस कथित अत्याचार की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि कानून के रखवाले ही कानून की धज्जियाँ उड़ाने में लगे हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित का आरोप है कि उसे सुबह 10:30 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। जब वह शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँचा, तो पुलिस ने उल्टा उस पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसे धमकी दी गई कि यदि उसने मामला वापस नहीं लिया, तो उसके खिलाफ ही केस दर्ज कर दिया जाएगा। “ये हमारे लोग हैं,” जैसे शब्द इस बात की ओर इशारा करते हैं कि पुलिस अपने कर्मियों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
यह पूरा मामला न सिर्फ पुलिस की बर्बरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे सिस्टम आम आदमी की आवाज दबाने की कोशिश करता है। हालांकि पीड़ित युवक ने हार मानने से इनकार कर दिया है और उसके पास घटना के वीडियो सबूत होने का दावा भी किया गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी दबा दिया जाएगा।



