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खौफनाक वीडियो कॉल: जब कातिल ने लाइव दिखाई लाश, जबलपुर में कत्ल की सनसनीखेज दास्तां
कातिल का खौफनाक खेल, वीडियो कॉल पर दिखाई मौत: जबलपुर में कत्ल की खौफनाक कहानी ने उड़ाए होश

जबलपुर का घमापुर इलाका अमूमन शोर-शराबे और चहल-पहल से भरा रहता है, लेकिन 8 मई 2026 की शाम यहाँ ऐसी सनसनी फैली कि सुनने वालों की रूह कांप गई। यह कहानी सिर्फ एक कत्ल की नहीं है, बल्कि उस क्रूर मानसिकता की है जिसने वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी ही माँ को वीडियो कॉल कर लाश दिखाई। इसे अपराध की दुनिया का बढ़ता हुआ पागलपन कहें या कोई पुरानी रंजिश, लेकिन इस घटना ने पूरे शहर को सन्न कर दिया है।

वारदात का मंजर: बंद दरवाजा और पंखे से लटकी लाश
शीतला माई के पास स्थित एक मकान में उस दिन सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन शाम के करीब 4:30 बजे आशा कोरी के मोबाइल की घंटी बजती है। फोन उनके बेटे अतुल कोरी का था। अतुल ने जैसे ही वीडियो कॉल ऑन किया, आशा के पैरों तले जमीन खिसक गई। फोन की स्क्रीन पर अतुल अपनी माँ को दिखा रहा था कि घर में काम करने वाली 37 वर्षीय आरती चौधरी का शव पंखे से लटक रहा है। अतुल ने बेखौफ होकर कहा— “मैंने आरती को मारकर फांसी पर लटका दिया है।”

घबराई हुई आशा ने तुरंत अपने भतीजे योगेश कोरी को फोन किया। जब योगेश और पुलिस मौके पर पहुंचे, तो कमरा बाहर से बंद था। ताला तोड़कर जब अंदर प्रवेश किया गया, तो बीच वाले कमरे में आरती चौधरी का शव एक काले रंग के गमछे के सहारे पंखे से झूल रहा था।

पुलिस की सूझबूझ और पोस्टमार्टम का बड़ा खुलासा
थाना प्रभारी दिनेश गौतम के नेतृत्व में पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लिया और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या का लग रहा था, क्योंकि शव फंदे पर लटका हुआ था। लेकिन पुलिस को घटनास्थल के साक्ष्यों पर संदेह था।
सच्चाई तब सामने आई जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट टेबल पर पहुंची। डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि आरती की मृत्यु फांसी लगाने से नहीं, बल्कि गला घोंटने (Strangulation) के कारण हुई थी। आरोपी ने पहले आरती का गला घोंटकर उसकी जान ली और फिर मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसे फंदे से लटका दिया।

गिरफ्तारी और कानूनी शिकंजा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों ने अतुल कोरी को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आरोपी अतुल कोरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया।

पुलिस की कई टीमों ने आरोपी की तलाश में दबिश दी और आखिरकार 30 वर्षीय अतुल कोरी को पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर अतुल ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम क्यों दिया? क्या यह किसी विवाद का नतीजा था या इसके पीछे कोई गहरी
साजिश थी?

समाज के लिए एक चेतावनी
जबलपुर की यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कोई इंसान इतना पत्थरदिल कैसे हो सकता है कि कत्ल के बाद उसका प्रदर्शन करे। आरती चौधरी, जो सिर्फ अपना काम करने आई थी, उसे क्या पता था कि वह फिर कभी अपने घर नहीं लौट पाएगी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे 10 मई 2026 को अदालत में पेश किया जाएगा। कानून अपनी राह पर है, लेकिन इस घटना ने इलाके के लोगों के मन में एक गहरा खौफ पैदा कर दिया है।



