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ग्वारीघाट में मां महाकाली की स्थापना पर संग्राम! 14 साल की परंपरा रोकने पर भड़के भक्त, विकास खरे का बड़ा आंदोलन का ऐलान

जबलपुर। ग्वारीघाट में मां महाकाली की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। 14 वर्षों से चली आ रही परंपरा पर रोक लगाए जाने की बात से भक्तों में नाराजगी है। भक्तों का साफ कहना है कि मां महाकाली की स्थापना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उनकी गहरी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा का प्रतीक है। उनका दो टूक ऐलान है—“मां महाकाली की स्थापना ग्वारीघाट में ही होगी, परंपरा को टूटने नहीं देंगे।”

14 साल की परंपरा पर सवाल, भक्तों ने उठाई आवाज,
मां महाकाली के भक्तों का कहना है कि जब वर्षों से धार्मिक आयोजन परंपरागत रूप से होता आ रहा है, तो अब इसे लेकर विवाद क्यों खड़ा हो रहा है? भक्त चाहते हैं कि उनकी आस्था का सम्मान किया जाए और मामले का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाए। स्थापना को लेकर उपजे विवाद ने धार्मिक आयोजन से जुड़े लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

विकास खरे का दो टूक संदेश—परंपरा नहीं रुकनी चाहिए,
विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास खरे ने कहा कि वर्षों से चली आ रही आस्था की परंपरा को रोका नहीं जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन मां महाकाली की प्रतिमा की स्थापना ग्वारीघाट में ही कराने की मांग पर कायम है। विकास खरे ने इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

भक्तों का ऐलान—आस्था के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेंगे,
भक्तों की ओर से कहा जा रहा है कि मां महाकाली की स्थापना की परंपरा को जारी रखने के लिए वे अपनी आवाज बुलंद करेंगे। इस बीच, भावनात्मक नारों और विरोध के बीच यह जरूरी है कि सभी पक्ष संयम बनाए रखें और किसी भी टकराव से बचें, ताकि धार्मिक माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।

अब प्रशासन के रुख पर टिकी निगाहें,
ग्वारीघाट में मां महाकाली की स्थापना को लेकर उठे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन इस मामले का समाधान कैसे निकालेगा? क्या 14 वर्षों की परंपरा को जारी रखने पर सहमति बनेगी या विरोध और आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा? फिलहाल प्रशासन के आधिकारिक निर्णय और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत का इंतजार है।

ग्वारीघाट में मां महाकाली की स्थापना का मुद्दा अब आस्था, परंपरा और प्रशासनिक निर्णय के बीच अहम सवाल बन गया है। भक्त अपनी मांग पर अड़े हैं, वहीं विकास खरे के आंदोलन की चेतावनी के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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