जबलपुर: विजयनगर, घमापुर और ओमती थाना क्षेत्र में बड़े फ्रॉड का खुलासा! जमीन सौदा, साइबर ठगी और शेयर मार्केट के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी
विजयनगर, घमापुर और ओमती थाना क्षेत्र में बड़े फ्रॉड का खुलासा! जमीन सौदा, साइबर ठगी और शेयर मार्केट के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी

जबलपुर में धोखाधड़ी के मामलों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और लोगों की सतर्कता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के विजयनगर, घमापुर और ओमती थाना क्षेत्रों में तीन अलग-अलग मामलों में जमीन सौदे, साइबर फ्रॉड और शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी सामने आई है। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर अलग-अलग धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन मामलों ने यह साफ कर दिया है कि ठग अब लोगों के भरोसे और लालच दोनों का फायदा उठाकर योजनाबद्ध तरीके से ठगी को अंजाम दे रहे हैं।
पहला मामला थाना विजयनगर का है, जहां दर्शन चौक निवासी रत्नेश राय ने रमेश कुमार राजपूत, पंकज राजपूत और तरुण क्षत्रीय के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 6 दिसंबर 2023 को पाटन तहसील स्थित कृषि भूमि को लेकर एक इकरारनामा किया गया था। जमीन की कुल कीमत 30 लाख रुपये तय हुई थी, जिसके एवज में रत्नेश राय ने 3 लाख रुपये अग्रिम राशि के तौर पर दिए थे। यह रकम नगद और बैंक चेक के माध्यम से दी गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उक्त जमीन पहले से न्यायालयीन विवाद में थी और मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के बावजूद आरोपियों ने जमीन बेचने का अनुबंध किया। बाद में उसी जमीन को पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति अमित पटेल को बेच दिया गया। जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने गाली-गलौज कर पैसे लौटाने से इंकार कर दिया। पुलिस ने मामले में धारा 406 और 420 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
दूसरा मामला थाना घमापुर क्षेत्र का है, जहां निजी शिक्षिका श्रीमती प्रकाश मिश्रा साइबर ठगी का शिकार हो गईं। 10 मई 2026 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने कहा कि उनके खाते में पैसे आने वाले हैं और इसके लिए एक लिंक और ओटीपी भेजा गया है। जैसे ही उन्होंने लिंक को टच किया, उनका मोबाइल कुछ समय के लिए बंद हो गया। थोड़ी देर बाद जब मोबाइल चालू किया गया तो पता चला कि उनके यूनियन बैंक खाते से कुल 1 लाख 60 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम ट्रूकॉलर में अब्दुल अजीम दिखाई दे रहा था। शिकायत के बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर साइबर जांच शुरू कर दी है।
वहीं तीसरा मामला थाना ओमती का है, जहां जबलपुर विकास प्राधिकरण में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ संपत्ति अधिकारी रीति सोनवे ने शुभम श्रीवास्तव के खिलाफ गंभीर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार शुभम श्रीवास्तव कलेक्ट्रेट में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत था और उसने शेयर मार्केट में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर कई लोगों को अपने जाल में फंसाया। उसने प्रति लाख पर 5 प्रतिशत मासिक रिटर्न देने का लालच दिया और फर्जी दस्तावेज व अनुबंध तैयार कर भरोसा जीत लिया। रीति सोनवे और उनके पति गगन बख्शी से अलग-अलग समय में कुल 11 लाख रुपये निवेश करवाए गए। शुरुआत में कुछ रकम वापस कर भरोसा कायम रखा गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। आरोपी लगातार बहाने बनाकर रकम लौटाने से बचता रहा। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इन तीनों मामलों ने यह साफ कर दिया है कि जबलपुर में जमीन सौदों से लेकर ऑनलाइन बैंकिंग और निवेश योजनाओं तक, हर क्षेत्र में ठग सक्रिय हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जमीन सौदे, ऑनलाइन लिंक या निवेश योजना पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।



