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पुलिस के सख्त अभियान से चाकूबाजों पर लगाम, जबलपुर में 17 प्रतिशत घटीं खूनी वारदातें

पुलिस कप्तान सम्पत उपाध्याय की रणनीति रंग लाई, पांच माह में 423 चाकू जब्त, संवेदनशील इलाकों में बढ़ी निगरानी और पैदल पेट्रोलिंग

जबलपुर। शहर में बढ़ती चाकूबाजी और हिंसात्मक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जबलपुर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान अब परिणाम देने लगा है। पुलिस कप्तान संपत उपाध्याय के नेतृत्व में जिलेभर में आदतन अपराधियों, असामाजिक तत्वों और अवैध हथियार लेकर घूमने वालों के खिलाफ लगातार की गई सख्त कार्रवाई के चलते चाकू से होने वाले अपराधों में 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पुलिस की इस सक्रियता से अपराधियों में खौफ और आमजन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। पुलिस से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2025 से 23 मई 2025 तक जिले में चाकू के इस्तेमाल से जुड़ी 241 घटनाएं सामने आई थीं, जबकि वर्ष 2026 की समान अवधि में यह संख्या घटकर 201 रह गई। लगातार निगरानी, त्वरित धरपकड़ और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को इस कमी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

अपराधियों की कुंडली तैयार, विशेष टीमों को मिला जिम्मा-
पुलिस कप्तान संपत उपाध्याय ने जिले के सभी थाना क्षेत्रों की थानावार समीक्षा कर ऐसे इलाकों और अपराधियों को चिन्हित कराया, जहां पूर्व में चाकूबाजी, मारपीट और हिंसात्मक गतिविधियां अधिक सामने आई थीं। समीक्षा के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि कई घटनाओं में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और दोस्त ही आपसी विवाद में एक-दूसरे पर चाकू से हमला कर रहे हैं। वहीं जेल से जमानत पर छूटे कुछ अपराधियों द्वारा दोबारा अपराध करने की प्रवृत्ति भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी।

इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अंजना तिवारी के मार्गदर्शन में विशेष निगरानी टीमें गठित की गईं। नगर पुलिस अधीक्षकों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखें।

सड़कों पर बढ़ी पुलिस की मौजूदगी, अपराधियों में दहशत-
निर्देशों के पालन में शहर के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार पैदल पेट्रोलिंग, वाहन चेकिंग और रात्रिकालीन भ्रमण बढ़ाया गया है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार, शराब दुकान क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस टीमों द्वारा देर रात तक अभियान चलाकर अवैध हथियार लेकर घूमने वालों को पकड़ा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में केवल पुलिस की बढ़ी हुई सक्रियता और लगातार दबिश के कारण अपराधी क्षेत्र छोड़ने को मजबूर हुए हैं। वहीं आदतन बदमाशों पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई कर उन्हें लगातार थाने बुलाकर निगरानी में रखा जा रहा है।

पांच माह में 423 चाकू जब्त-
जबलपुर पुलिस का अभियान केवल कागजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कार्रवाई के आंकड़े भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं। वर्ष 2025 की समान अवधि में जहां 418 चाकू जब्त किए गए थे, वहीं वर्ष 2026 में अब तक 423 चाकू बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बड़ी संख्या में अवैध हथियार जब्त होने से संभावित वारदातों को समय रहते रोका जा सका। पुलिस का फोकस विशेष रूप से उन युवकों पर है जो छोटी-छोटी बातों पर धारदार हथियार लेकर सड़कों पर घूमते पाए जाते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ न केवल आर्म्स एक्ट बल्कि प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

आमजन से मांगा सहयोग-
पुलिस कप्तान सम्पत उपाध्याय ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार होने, संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने या शांति व्यवस्था बिगाड़ने की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 0761-2676102, 2676100 अथवा डायल-112 पर सूचना दें। पुलिस का कहना है कि अपराध पर नियंत्रण केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं बल्कि जनसहयोग से भी संभव है।

लगातार जारी रहेगा अभियान-
जबलपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चाकूबाजी और हिंसात्मक अपराधों के खिलाफ यह अभियान आगे भी और अधिक सख्ती से जारी रहेगा। थाना स्तर पर अपराधियों की निगरानी, हिस्ट्रीशीटरों की जांच और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का दावा है कि आने वाले समय में इस अभियान के और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

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