प्रशासन का बड़ा एक्शन नियमों को ताक पर रखकर चल रहा था सुकून रिसॉर्ट! गंदा किचन, खुले में रखी खाद्य सामग्री और अतिक्रमण के बीच मेहमानों की जिंदगी से खिलवाड़
प्रशासन का बड़ा एक्शन नियमों को ताक पर रखकर चल रहा था सुकून रिसॉर्ट! गंदा किचन, खुले में रखी खाद्य सामग्री और अतिक्रमण के बीच मेहमानों की जिंदगी से खिलवाड़

जबलपुर के घाना स्थित सुकून रिसॉर्ट पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। जांच में जो खुलासे हुए, उन्होंने होटल और रिसॉर्ट संचालन की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक टीम को निरीक्षण के दौरान रिसॉर्ट में भारी अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की गई।
एसडीएम अभिषेक सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जब रिसॉर्ट का निरीक्षण किया तो किचन की हालत बेहद खराब मिली। बताया जा रहा है कि किचन से तेज बदबू आ रही थी और साफ-सफाई के नाम पर गंभीर लापरवाही सामने आई। वहीं रेस्टोरेंट में खाने-पीने की सामग्री खुले में रखी मिली, जिससे साफ जाहिर होता है कि यहां आने वाले लोगों की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा था।
इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि रिसॉर्ट संचालक ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर रखा था। आरोप है कि बहते हुए जीवित नाले के प्रवाह को संकीर्ण कर निर्माण किया गया, जिससे पर्यावरणीय नियमों की भी अनदेखी हुई। सवाल यह है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर अतिक्रमण होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए?
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सुकून रिसॉर्ट बिना फायर प्लान और फायर एनओसी के संचालित हो रहा था। यानी अगर यहां कोई बड़ा हादसा हो जाता तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? क्या होटल संचालक सिर्फ मुनाफे के लिए लोगों की जान जोखिम में डाल रहे थे?
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई होटल और रिसॉर्ट नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं। कहीं फायर सेफ्टी नहीं, कहीं गंदगी का अंबार, तो कहीं अवैध निर्माण। लेकिन कार्रवाई तब होती है जब मामला सुर्खियों में आता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुकून रिसॉर्ट को भी लंबे समय से किसी संरक्षण में चलाया जा रहा था?
लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते जांच नहीं करता तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। अब जनता मांग कर रही है कि सिर्फ रिसॉर्ट को सील करने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि होटल संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी हो।
फिलहाल प्रशासन ने रिसॉर्ट को सील कर दिया है और मामले की जांच जारी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि आखिर इतने समय तक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले इस रिसॉर्ट पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई और किसके संरक्षण में यह कारोबार फल-फूल रहा था।



