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बरगी बांध क्रूज हादसा: न्यायिक जांच शुरू, जस्टिस संजय द्विवेदी ने संभाला एकल सदस्यीय आयोग का कार्यभार

बरगी बांध क्रूज हादसा: न्यायिक जांच शुरू, जस्टिस संजय द्विवेदी ने संभाला एकल सदस्यीय आयोग का कार्यभार

जबलपुर बरगी बांध में 30 अप्रैल 2026 को हुए क्रूज हादसे की जांच अब औपचारिक रूप से न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन द्वारा गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग ने आज से अपना कार्य शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री संजय द्विवेदी ने आयोग के अध्यक्ष के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण किया और इसी के साथ जांच की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है।

राज्य शासन ने इस हादसे की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 10 मई 2026 को राजपत्र में अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत जांच आयोग अधिनियम 1952 की धारा 3 के अंतर्गत एकल सदस्यीय आयोग का गठन किया गया, जिसकी जिम्मेदारी न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी को सौंपी गई है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि दुर्घटना के सभी कारणों, परिस्थितियों और संभावित लापरवाहियों की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद आयोग ने तुरंत अपनी कार्यवाही प्रारंभ कर दी। पहले ही दिन आयोग के समक्ष नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शन मंच के अध्यक्ष डॉ. पी. जी. नाजपाण्डे उपस्थित हुए और उन्होंने हादसे से संबंधित अपना विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। आयोग ने इस प्रतिवेदन को गंभीरता से लेते हुए इसे जांच प्रक्रिया में सम्मिलित करने के निर्देश दिए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि आयोग शुरुआत से ही सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रहा है।

जांच आयोग का कार्यालय कलेक्ट्रेट परिसर में कक्ष क्रमांक 43 में स्थापित किया गया है, जहां नियमित रूप से सुनवाई और दस्तावेजों का संकलन किया जाएगा। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि आयोग को आवश्यक सभी सुविधाएं और सहयोग समय पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

आयोग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस हादसे से संबंधित कोई जानकारी, दस्तावेज, फोटो, वीडियो या प्रत्यक्षदर्शी बयान है, तो वह उसे आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय में विशेष व्यवस्था की गई है, जहां लोग कक्ष क्रमांक 42 में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज करा सकते हैं।

आयोग का मानना है कि किसी भी दुर्घटना की सच्चाई तक पहुंचने के लिए केवल आधिकारिक रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि आम लोगों के अनुभव और प्रत्यक्ष जानकारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए सभी संभावित साक्ष्यों को एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बरगी बांध क्रूज हादसे की यह न्यायिक जांच आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण मोड़ ले सकती है, क्योंकि आयोग सभी पक्षों को सुनने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचेगा। फिलहाल, जांच प्रक्रिया की शुरुआत को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है।

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