बेखौफ हमलावरों का बिजली उपकेंद्रों पर धावा: कर्मचारियों से मारपीट, हजारों घरों की सप्लाई ठप
बेखौफ हमलावरों का बिजली उपकेंद्रों पर धावा: कर्मचारियों से मारपीट, हजारों घरों की सप्लाई ठप

जबलपुर में बिजली विभाग के उपकेंद्रों पर हुए दो अलग-अलग हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट और जबरन बिजली सप्लाई बंद कर देना यह दर्शाता है कि असामाजिक तत्वों के हौसले किस कदर बुलंद हैं।
पहली घटना थाना कोतवाली क्षेत्र के उखरी विद्युत उपकेंद्र की है, जहां देर रात 15 से 20 अज्ञात लोग गेट कूदकर नियंत्रण कक्ष में घुस गए। ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी नारायण प्रसाद कोष्टा (50 वर्ष) के साथ गाली-गलौज करते हुए आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में उन्हें सिर, पीठ और चेहरे पर चोटें आईं, वहीं एक आरोपी ने स्टील के बर्तन से उनकी कोहनी पर वार कर दिया।
इसके बाद हमलावरों ने कंट्रोल पैनल से छेड़छाड़ करते हुए 33 केवी “जबलपुर-2 फीडर” को जबरन बंद कर दिया। इससे जुड़े चारों 11 केवी फीडर ठप हो गए और करीब 10 हजार उपभोक्ताओं की बिजली सप्लाई लगभग 20 मिनट तक बाधित रही। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
दूसरी घटना थाना माढ़ोताल क्षेत्र के विद्युत सब स्टेशन की है। यहां बिजली सुधार कार्य के चलते सप्लाई बंद थी, जिससे नाराज होकर कुछ लोग कार्यालय में घुस आए। अंकित साहू, राजेश यादव और उनके साथियों ने ऑपरेटर दीपक सोनी के साथ मारपीट की और कार्यालय में रखे कंप्यूटर व मॉनिटर को तोड़ दिया।
आरोपियों ने कर्मचारियों को धमकाते हुए सब स्टेशन को आग लगाने की चेतावनी दी। बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की गई। इतना ही नहीं, दीपक सोनी को जबरन बाइक में बैठाकर दूसरे उपकेंद्र ले जाकर फिर उसके साथ मारपीट की गई।
दोनों मामलों में पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और तोड़फोड़ सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि आखिर शासकीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। अब जरूरत है सख्त कार्रवाई और बेहतर सुरक्षा इंतजामों की, ताकि इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।



