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महाराजपुर शराब ठेकेदारों की मनमानी पड़ी भारी: अव्यवस्था के बीच कर्मचारी विजय यादव पर दिनदहाड़े चाकू से हमला”

खुलेआम खतरा बनी महाराजपुर की शराब दुकान: दिनदहाड़े कर्मचारी पर चाकू से हमला, ठेकेदारों की लापरवाही बेनकाब”

जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र में सामने आई दिनदहाड़े चाकूबाजी की घटना ने शहर की शराब दुकानों की सच्चाई उजागर कर दी है, जहां नियम-कायदों को दरकिनार कर केवल मुनाफे पर ध्यान दिया जा रहा है। महाराजपुर स्थित शराब दुकान में काम करने वाले 20 वर्षीय विजय यादव, निवासी नर्मदा नगर, ग्वारीघाट, इसी अव्यवस्था और लापरवाही का शिकार बने, जब ग्राहकों के विवाद के बीच उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया।
घटना 3 मई 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे की है, जब दुकान पर भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी भीड़ के बावजूद वहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। न कोई गार्ड मौजूद था, न ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाइन सिस्टम लागू था। लोग धक्का-मुक्की करते हुए शराब लेने की कोशिश कर रहे थे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
इसी दौरान कुछ युवक दुकान पर पहुंचे और पहले शराब देने को लेकर विवाद करने लगे। जब विजय यादव ने नियम अनुसार इंतजार करने की बात कही, तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आए। बात बढ़ते-बढ़ते इतनी गंभीर हो गई कि उन्होंने विजय को दुकान के बाहर घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद एक आरोपी ने चाकू निकालकर जानलेवा वार किया, जो विजय के कंधे के पीछे जा लगा। अगर वह समय रहते नहीं झुकते, तो यह हमला उनकी जान भी ले सकता था।
यह पूरी घटना शराब ठेकेदारों की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। रोजाना लाखों की कमाई करने वाले ठेकेदार कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह उदासीन नजर आते हैं। न सीसीटीवी की प्रभावी निगरानी, न सुरक्षा गार्ड, और न ही भीड़ प्रबंधन—सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इस दुकान पर पहले भी कई बार विवाद और झगड़े हो चुके हैं, लेकिन हर बार मामले को नजरअंदाज कर दिया जाता है। ठेकेदारों को सिर्फ मुनाफे से मतलब है, जबकि कर्मचारियों की जान जोखिम में डाल दी जाती है।
विजय यादव पर हुआ यह हमला एक चेतावनी है कि अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं सामने आ सकती हैं। अब जरूरत है कि प्रशासन केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर शराब दुकान संचालकों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।

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