मदनमहल में गुंडों के हौसले बुलंद: जुआ और शराब के लिए मांगे रुपये, विरोध करने पर युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस पर उठे सवाल
मदनमहल में गुंडों के हौसले बुलंद: जुआ और शराब के लिए मांगे रुपये, विरोध करने पर युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस पर उठे सवाल

जबलपुर के मदनमहल थाना क्षेत्र में अपराधियों के बढ़ते हौसलों ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां काम से घर लौट रहे एक युवक से खुलेआम जुआ खेलने और शराब पीने के लिए पैसे मांगे गए। जब युवक ने रुपये देने से इनकार किया, तो उसके साथ बीच सड़क पर बेरहमी से मारपीट की गई। आरोप है कि बदमाशों ने कड़े और पत्थर जैसी वस्तु से हमला कर युवक को घायल कर दिया। घटना के बाद इलाके के लोगों में आक्रोश है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मदनमहल थाना क्षेत्र में बदमाशों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?
मामला मदनमहल थाना क्षेत्र के केवट मोहल्ले का है। यहां रहने वाला 35 वर्षीय राम केवट पुट्टी-पेंटिंग का काम करता है। रोज की तरह वह 21 मई की रात काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था। रात करीब साढ़े 9 बजे जैसे ही वह पूजा डेयरी के पास पहुंचा, तभी मोहल्ले के ही प्रियांशु केवट और शिवा केवट ने उसे रोक लिया।
पीड़ित राम केवट के मुताबिक दोनों आरोपी उससे जुआ खेलने के लिए 500 रुपये मांगने लगे। जब उसने पैसे देने से मना किया, तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आए। विरोध करने पर दोनों ने मिलकर उसके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि प्रियांशु केवट ने हाथ में पहने लोहे के कड़े से उसके सिर और पीठ पर वार किया। इतना ही नहीं, उसके पैर में चीप पटककर घायल कर दिया।
मारपीट में राम केवट को सिर, पीठ, चेहरे और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद घायल हालत में वह थाने पहुंचा और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से शराबियों, जुआरियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, इसके बावजूद मदनमहल थाना पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पूजा डेयरी और आसपास का इलाका देर रात नशेड़ियों और जुआरियों का अड्डा बन चुका है। आए दिन यहां राहगीरों से विवाद, मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं सामने आती हैं। लेकिन पुलिस की गश्त और कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बदमाशों में पुलिस का डर क्यों खत्म होता जा रहा है? क्या मदनमहल थाना पुलिस क्षेत्र में बढ़ रहे असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है? अगर समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो ऐसी घटनाएं किसी दिन बड़ी वारदात का रूप भी ले सकती हैं।
फिलहाल मदनमहल थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन इलाके के लोगों को अब सिर्फ एफआईआर नहीं, बल्कि सड़कों पर सुरक्षा और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई चाहिए।
जुआ, शराब और गुंडागर्दी का यह खेल आखिर कब तक चलता रहेगा? और कब मदनमहल थाना क्षेत्र के लोग बिना डर के सड़कों पर निकल पाएंगे? यह सवाल अब पुलिस व्यवस्था के सामने खड़ा है।



