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शराब, विवाद और फिर मौत: निगरानी बदमाश ‘चिंगम’ की हत्या का 24 घंटे में खुलासा, दोस्त ही निकला कातिल

शराब, विवाद और फिर मौत: निगरानी बदमाश ‘चिंगम’ की हत्या का 24 घंटे में खुलासा, दोस्त ही निकला कातिल

जबलपुर के संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में निगरानी बदमाश सुरेंद्र उर्फ चिंगम प्रधान की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्क जांच और एफएसएल रिपोर्ट ने हत्या की साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मृतक के दोस्त आयुष यादव को गिरफ्तार किया है, जिसने शराब के नशे और पुराने विवाद के चलते हत्या करना कबूल कर लिया है।

दरअसल, 22 मई की सुबह आरोग्यम अस्पताल के पीछे बने कमरे में 28 वर्षीय सुरेंद्र उर्फ चिंगम प्रधान का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। मृतक के भाई अरविंद प्रधान जब खाना देने पहुंचे, तो कमरे का दरवाजा खुला मिला। अंदर चिंगम जमीन पर पड़ा था, हाथ की नस कटी हुई थी, पास में चाकू पड़ा था और गले में सफेद गमछा लिपटा हुआ था। शुरुआती हालात देखकर मामला आत्महत्या का लग रहा था।

सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी धनवंतरी नगर उप निरीक्षक दुर्गेश मरावी और थाना प्रभारी संजीवनी नगर बी.डी. द्विवेदी मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर सीएसपी गोरखपुर एम.डी. नागोतिया, एफएसएल अधिकारी डॉक्टर अजय सिंह और फिंगरप्रिंट टीम भी मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत हाथ की नस कटने से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई है। गले की श्वास नली टूटने और सांस रुकने के कारण चिंगम की मौत हुई थी।

इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। जांच में सामने आया कि घटना वाली रात लालबाबा मंदिर के पास चिंगम का विवाद हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चिंगम शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहा था और उसके साथ एक युवक मौजूद था, जिसने अपना नाम आयुष यादव बताया था।

पुलिस ने संदेही आयुष यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और हत्या की पूरी कहानी बता दी। आरोपी ने पुलिस को बताया कि चिंगम अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और उसे परेशान करता था। घटना वाली रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ। चिंगम के ज्यादा नशे में होने का फायदा उठाकर उसने गमछे से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद पूरे मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए चाकू से उसके हाथ की नस काट दी।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू, सफेद गमछा और मृतक का मोबाइल बरामद कर लिया है। आरोपी आयुष यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।

 

इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में नगर पुलिस अधीक्षक गोरखपुर एम.डी. नागोतिया, थाना प्रभारी संजीवनी नगर बी.डी. द्विवेदी, चौकी प्रभारी धनवंतरी नगर उप निरीक्षक दुर्गेश मरावी, सहायक उप निरीक्षक टीकाराम चौधरी, प्रधान आरक्षक दिलीप पाठक, आरक्षक रजनीश यादव, अमरेन्द्र कुमार, मनोज मिश्रा, पुष्पराज जाट और आशीष प्रताप सिंह की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है, लेकिन इस वारदात ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि शराब और पुरानी रंजिश का अंत कई बार खूनी वारदात में होता है।

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