जबलपुर # महिला सुरक्षा और सीएम हेल्पलाइन पर सख्ती: डीआईजी अतुल सिंह ने अफसरों को दी चेतावनी…
लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण, गुम बच्चों की दस्तयाबी और महिला अपराधों में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश

सेटन्यूज़, जबलपुर। जबलपुर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अतुल सिंह ने मंगलवार को कंट्रोल रूम में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय की मौजूदगी में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी शामिल हुए।
डीआईजी ने लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि हर अधिकारी प्रतिदिन स्वयं सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की निगरानी करे और शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का वैधानिक समाधान करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यवाही की जानकारी शिकायतकर्ता को अनिवार्य रूप से दी जाए।
कैंप लगाकर सुनवाई के निर्देश-
डीआईजी ने निर्देश दिए कि सभी राजपत्रित अधिकारी अपने-अपने अनुभाग के थानों में कैंप लगाकर लंबित शिकायतों की सुनवाई करें और मौके पर ही उनका निराकरण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जनसुनवाई और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त शिकायतों को भी प्राथमिकता में रखते हुए शीघ्र निपटारा करने पर जोर दिया गया।
गुम बच्चों की तलाश में तेजी लाने के निर्देश-
बैठक में गुम अवयस्क बालक-बालिकाओं के मामलों को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी ने निर्देश दिए कि धारा 363 भादवि एवं बीएनएस के लंबित प्रकरणों में हरसंभव प्रयास कर बच्चों की दस्तयाबी सुनिश्चित की जाए। यदि किसी बच्चे के जिले से बाहर होने की जानकारी मिले तो तत्काल टीम गठित कर संबंधित स्थान पर भेजा जाए।
महिला अपराधों में संवेदनशीलता अनिवार्य-
महिला सुरक्षा को लेकर डीआईजी ने विशेष जोर देते हुए कहा कि महिला संबंधी अपराधों में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए और विवेचना पूर्ण कर जल्द से जल्द चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही महिला शिकायतों का भी त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
‘ऊर्जा डेस्क’ की सक्रियता बढ़ाने पर जोर-
डीआईजी अतुल सिंह ने कहा कि पीड़ित महिलाओं तक सहायता पहुंचाने में कई सामाजिक और पारिवारिक बाधाएं सामने आती हैं, ऐसे में ‘ऊर्जा हेल्प डेस्क’ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने थाना स्तर पर महिलाओं की बैठकें आयोजित कर उनकी समस्याएं जानने, सहयोगी महिलाओं की पहचान करने और डेस्क की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एसओपी का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता, सूर्यकांत शर्मा, अंजना तिवारी सहित सभी सीएसपी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे। डीआईजी के सख्त निर्देशों के बाद अब पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।



