जबलपुर # फावड़े से सिर फोड़ा, बाप-बेटे पर हमला: जबलपुर कोर्ट ने मस्तराम को सुनाई उम्रकैद की सज़ा

सेटन्यूज़, जबलपुर। जिले के पाटन कोर्ट ने चरगवां थाना क्षेत्र के सनसनीखेज हत्या कांड में आरोपी मस्तराम रजक को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास और कुल 3000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दूसरा आरोपी मुन्ना रजक विचारण के दौरान मृत हो चुका है। यह फैसला 19 अभियोजन साक्षियों की गवाही पर आधारित है।
3 जून 2022 की रात करीब 10:30 बजे ग्राम चरगवां के पटेल मोहल्ला में ब्रजेश और उसके पिता दशरथ घर की छत पर सो रहे थे। पड़ोसी आरोपी मस्तराम पिता मुन्ना रजक, निवासी पटेल मोहल्ला चरगवां उम्र 32 वर्ष और मुन्ना रजक पिता जगन्नाथ रजक उम्र 60 वर्ष ने पुरानी रंजिश पर मां-बहन की गालियां दीं। विरोध करने पर मस्तराम ने घर से लोहे का फावड़ा लाकर दशरथ के सिर पर मार दिया, जबकि मुन्ना ने ब्रजेश पर हमला किया।
दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया, जहां ब्रजेश ने देहाती नालिश दर्ज कराई। साक्षी ममता, राजेश्वरी, हल्की बाई और सुरेंद्र पटेल ने घटना देखी। आरोपी भाग गए, लेकिन मस्तराम को गिरफ्तार कर लिया गया।
अपर सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश रजक ने सत्र प्रकरण 557/2022 में सुनवाई पूरी की। प्रथम सूचना रिपोर्ट में धारा 294, 324, 307, 506, 34 भादवि दर्ज हुई। विशेष लोक अभियोजक संदीप जैन ने 19 साक्षियों को पेश कर सशक्त पैरवी की।
उपनिदेशक विजय कुमार उइके के मार्गदर्शन में अभियोजन पक्ष ने अपराध सिद्ध किया। कोर्ट ने धारा 324/34 में 2 वर्ष सश्रम कारावास, 1000 रुपये तथा धारा 302 में उम्रकैद और 2000 रुपये जुर्माना लगाया।



