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माढ़ोताल थाना क्षेत्र में बेलगाम बदमाश! 75 साल की बुजुर्ग को झांसा देकर लूटा, पुलिस सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

माढ़ोताल थाना क्षेत्र में बेलगाम बदमाश! 75 साल की बुजुर्ग को झांसा देकर लूटा, पुलिस सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

जबलपुर के माढ़ोताल थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ चुके हैं कि अब बुजुर्ग महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। 75 वर्षीय महिला को दिनदहाड़े झांसा देकर बाइक पर बैठाना, सुनसान इलाके में ले जाकर जेवर और नगदी लूट लेना और फिर आराम से फरार हो जाना, सीधे तौर पर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। घटना के बाद एक बार फिर माढ़ोताल थाना पुलिस की कार्यशैली कटघरे में नजर आ रही है।

जानकारी के मुताबिक ग्राम सूखा हवा चौधरी मोहल्ला निवासी रूकिया बाई चौधरी बिजली बिल जमा करने करमेता स्थित बिजली कार्यालय पहुंची थीं। बिल जमा करने के बाद जब वह सड़क किनारे ऑटो का इंतजार कर रही थीं, तभी बाइक सवार दो युवक उनके पास पहुंचे और बोले कि उनकी मां उन्हें बुला रही हैं। बुजुर्ग महिला को कम दिखाई देता है, इसी मजबूरी का फायदा उठाकर बदमाश उन्हें अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले गए।

आरोप है कि दोनों युवक महिला को धोखे से पाटन बायपास रोड के सुनसान इलाके में ले गए और वहां जान से मारने की धमकी देकर उनका सोने का मंगलसूत्र, चांदी की पायल, चांदी की चूड़ियां और पर्स छीन लिया। पर्स में 15 हजार रुपये नगद और अन्य जेवर भी रखे थे। लूटपाट के बाद आरोपी बुजुर्ग महिला को वहीं छोड़कर फरार हो गए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि माढ़ोताल जैसे व्यस्त क्षेत्र में दिनदहाड़े अपराधी इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल जाते हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लगती। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त और निगरानी केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है। अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, जबकि आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन लोगों का कहना है कि हर घटना के बाद सिर्फ जांच का आश्वासन मिलता है, जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आता। अगर पुलिस की सक्रियता और पेट्रोलिंग मजबूत होती, तो शायद बुजुर्ग महिला इस वारदात का शिकार नहीं होती।

यह घटना सिर्फ एक लूट नहीं, बल्कि माढ़ोताल थाना पुलिस की ढीली सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाली तस्वीर है। अब देखना होगा कि पुलिस इन आरोपियों तक पहुंचकर जनता का भरोसा वापस जीत पाती है या नहीं।

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