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जबलपुर में थाने के साए में शराब का खेल: गोहलपुर में बंद दुकान से रातभर बिक रही अवैध शराब, जिम्मेदार मौन

खुलेआम चल रही है शराब ठेकेदार और उनके मैनेजर की मनमानी कुंभकरण की नींद में सो रहा है आबकारी विभाग

जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र से एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां एक ओर प्रशासन अवैध शराब बिक्री पर सख्ती के बड़े-बड़े दावे करता नजर आता है, वहीं दूसरी ओर थाने से चंद कदमों की दूरी पर शराब ठेकेदारों, और उनके मैनेजर की मनमानी खुलेआम जारी है। आरोप है कि गोहलपुर स्थित शराब दुकान निर्धारित समय के बाद बंद तो हो जाती है, लेकिन दुकान के अंदर और पीछे के रास्तों से देर रात तक शराब बेची जा रही है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात 11:30 बजे के बाद भी दुकान से शराब की बिक्री जारी रहती है। दुकान के शटर गिरने के बाद भी शराब प्रेमियों की आवाजाही बनी रहती है और शराब मैनेजर एवं कर्मचारियों द्वारा खुलेआम शराब उपलब्ध कराई जाती है। इससे क्षेत्र में देर रात असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में भय और आक्रोश दोनों है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह पूरा खेल गोहलपुर थाने से कुछ ही दूरी पर चल रहा है, तो आखिर पुलिस और आबकारी विभाग की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही? क्या जिम्मेदारों को यह अवैध कारोबार दिखाई नहीं दे रहा, या फिर सब कुछ देखकर भी अनदेखा किया जा रहा है?

क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि शराब दुकान के आसपास देर रात तक हंगामा, गाली-गलौज और मारपीट जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। महिलाओं और परिवारों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे बैठा है।


गोहलपुर क्षेत्र में चल रही इस कथित अवैध बिक्री ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि विभाग मानो कुंभकरण की नींद में सोया हुआ है और शराब ठेकेदार नियमों को खुली चुनौती दे रहे हैं।

अब देखना होगा कि खबर सामने आने के बाद प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर यह अवैध कारोबार इसी तरह रात के अंधेरे में फलता-फूलता रहेगा। गोहलपुर की जनता फिलहाल एक ही सवाल पूछ रही है—जब थाने के पास ही कानून टूट रहा है, तो आखिर आम जनता सुरक्षा की उम्मीद किससे करे?

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