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मध्यप्रदेश # सांसदों, विधायकों के विरुद्ध लंबित मामलों में मध्यप्रदेश शासन का रवैया नकारात्मक

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने मुख्य सचिव व गृह मंत्रालय को भेजा पत्र

जबलपुर, सत्यजीत यादव। मध्यप्रदेश में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने सांसदों, विधायकों के लंबित मामले में मध्यप्रदेश शासन पर नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। इसी के साथ मंच के प्रांताध्यक्ष डाॅ. पीजी नाजपांडे ने मप्र शासन के मुख्य सचिव और गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर कार्रवाई पर बल दिया है।
उक्त पत्र में कहा गया है कि सांसद-विधायकों के मुकदमों के निराकरण में शासन जानबूझकर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है। इस वजह से विशेष अदालतें बनने के बाद भी दो से 18 साल पुराने लगभग 300 मामले लंबित पड़े है, जो कि सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। पत्र में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने दिसंबर 2017 में विशेष अदालतें बनाकर सांसद, विधायकों के मामलों में दो साल के भीतर फैसला सुनाने के आदेश दिये थे। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में आठ अदालतें बनायी गई थीं। समय पर समन तामील होना, गवाहों को तारीख पर अदालतों में उपस्थित रखने आदि की जिम्मेदारी शासन की होती है, लेकिंन शासन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, इसी कारण बड़ी तादाद में मुकदमें लंबित पड़े हैं।

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