कुख्यात बदमाश और हत्या के आरोपी अमन चक्रवर्ती की गढ़ा पुलिस ने निकाली हेकड़ी,अमन चक्रवर्ती और उसके गुर्गों को पकड़कर पुलिस ने निकाला जुलूस
जबलपुर| गढ़ा थाना इलाके के शक्ति नगर चौपाटी में खून खराबा कर चाइनीज़ का ठेला लगाने वाले दुकानदार को मौत के घाट उतारने के मुख्य आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया। गढ़ा पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने वाले कुख्यात बदमाश अमन चक्रवर्ती और उसके साथी आकाश रजक को गिरफ्तार करने के साथ ही उनकी हेकड़ी भी निकाल दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों का जुलूस निकाला।
https://youtu.be/FvJmEpLlJMI?si=twru3eGRVANh2bBx
पुलिस द्वारा निकाले गए इस जुलूस के दौरान दोनों ही कुख्यात आरोपी ‘अपराध करना पाप है पुलिस हमारे बाप है’ जैसे नारे लगाते हुए चल रहे थे। दरअसल 7 दिसंबर की रात सेठीनगर इलाके का रहने वाला शातिर बदमाश अमन चक्रवर्ती अपने साथी आकाश रजक, नंदू उर्फ सागर तिवारी, रोहित झारिया, ताशु यादव और तीन अन्य नाबालिग किशोरों के साथ शक्ति नगर चौपाटी पहुंचा था, यहां पहुंचकर उन्होंने मोनू चक्रवर्ती के चाइनीज़ ठेले पर विवाद करना शुरू कर दिया और बाद जब बिगड़ी तो चाकू निकालकर मोनू चक्रवर्ती पर कई बार वार किया।
चाकू के ताबड़तोड़ वार से चाइनीज़ दुकान संचालक मोनू चक्रवर्ती गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद मोनू को उसके बेटे वीरू चक्रवर्ती और नितिन चक्रवर्ती मेडिकल अस्पताल इलाज के लिए ले गए लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी अमन चक्रवर्ती इतना शातिर था कि उसने मृतक के बेटों को फंसाने की नीयत से अपने ही एक साथी रोहित झरिया को गोरखपुर थाना इलाके की जगतपाल की पुलिया के पास सुनसान जगह पर ले गया और उस पर चाकू से कई वार किये ताकि रोहित झारिया के जरिए वह मृतक मोनू चक्रवर्ती और उसके बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सके लेकिन पुलिस की जांच में हकीकत का खुलासा हो गया लिहाजा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के अलावा पुलिस को गुमराह करने और झूठे मामले में फंसाने की साजिश रचने का प्रकरण भी दर्ज किया है।

इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा और उनकी पूरी टीम दिन-रात लगी रही। गढ़ा पुलिस ने इस मामले में रोहित झारिया को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था जबकि मुख्य आरोपी अमन चक्रवर्ती आकाश रजक और एक नाबालिग आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस मामले में फरार नंदू उर्फ सागर तिवारी, ताशु यादव और एक नाबालिग किशोर की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

उल्लेखनीय भूमिका- हत्या के आरोपियों को पकड़ने में थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा, उप निरीक्षक योगेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक ज्ञानेंद्र आरक्षक संतोष जाट, शैलेंद्र पाटकर, नीरज तिवारी, गौरव तिवारी, राजेश्वर मिश्रा, की सराहनीय भूमिका रही।
