जबलपुर में महिला का मोबाइल हैक, रिश्तेदारों से हैकर ने मांगे पैसे गढ़ा पुलिस की तत्परता से महिला साइबर ठगी से बची
जबलपुर/- साइबर के जालसाज़ लोगों को ठगने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं, कुछ लोग सतर्कता से बच तो जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो इनके झांसे में आकर लाखों रुपए गवां बैठते हैं। खुद को बैंक का अधिकारी बताकर एक जालसाज़ ने पहले महिला को एक नंबर मैसेज किया और उस पर कॉल करने की बात कही।

महिला ने जैसे ही नंबर डायल किया तभी उसका फोन हैक हो गया। दरअसल खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले ठग ने गढ़ा इलाके की रहने वाली रश्मि केवट नाम की महिला को फोन किया और बताया कि उसका फ्लिपकार्ट का पार्सल डिलीवर होना है और डिलीवरी बॉय उन्हें लगातार कॉल कर रहा है लेकिन महिला फोन रिसीव नहीं कर रही है, जिसके बाद ठग ने महिला के मोबाइल नंबर पर एक नंबर मैसेज किया और उस पर कॉल करने के लिए कहा।
महिला ने जैसे ही कॉल किया तो उसका फोन हैक हो गया। फोन के हैक होते ही साइबर ठग ने महिला के परिचितों को फोन करने के अलावा उसके नंबर पर कॉल करने वालों से पैसों के डिमांड करना शुरू कर दिया। जैसे ही महिला तक इस बात की जानकारी पहुंची तो महिला ने गढ़ा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। गढ़ा थाना पुलिस के शैलेंद्र पाटकर ने महिला की शिकायत सुनी और पीड़िता की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की।

जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि जालसाज़ों ने महिला के मोबाइल नंबर पर कॉल फॉरवर्डिंग का कोड भेजा हुआ था जिस पर कॉल करते ही महिला का फोन हैक हो गया। साइबर मामलों के जानकार शैलेंद्र पाटकर ने प्रारंभिक जांच के बाद महिला के मोबाइल में एक्टिवेट हुए कॉल फॉरवर्डिंग के ऑप्शन को निष्क्रिय करते हुए उन्हें राहत पहुंचा दी।

अब पीड़ित महिला लोगों से यही अपील कर रही है कि अनजान नंबरों पर आने वाले इस तरह के फोन कॉल्स का कोई जवाब न दें और न ही किसी प्रकार के लिंक को ओपन करें।
