जबलपुर में श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से मिलती है मुक्ति- सुरेंद्र शास्त्री -गणेश नगर कछपुरा में संगीतमय भागवत कथा का भव्य आयोजन
जबलपुर। श्रीमद् भागवत कथा परम कल्याणकारी एवं मोक्षदायिनी है। इसके श्रद्धापूर्वक श्रवण मात्र से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मुक्ति की प्राप्ति होती है। श्रीमद् भागवत साक्षात भगवान श्रीकृष्ण की वाङ्मयी मूर्ति है, जिसका दर्शन स्वयं श्रीकृष्ण के दर्शन के समान फलदायी माना गया है। यह विचार पं. सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज ने गणेश नगर कछपुरा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ से व्यक्त किए। पं. सुरेंद्र शास्त्री शिव मंदिर कचनार सिटी (बड़े शंकर जी) विजय नगर के मुख्य आचार्य एवं मां दक्षिणेश्वरी धाम के संस्थापक हैं।
भागवत कथा का अलौकिक महत्व-
शास्त्री जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा का रसपान करने के लिए देवता भी सदैव लालायित रहते हैं। किंतु वही व्यक्ति भगवान की इस अनुपम कथा को सहज रूप से सुन पाता है, जिसके जन्म-जन्मांतरों के पुण्यों का उदय हो चुका होता है। भागवत कथा मानव जीवन को भवसागर से पार लगाने वाली दिव्य नौका के समान है।
व्यासपीठ पूजन व स्वागत-
कथा के शुभारंभ पर व्यासपीठ पूजन एवं शास्त्री जी महाराज का पारंपरिक स्वागत मुख्य यजमान निशा वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार से सम्पन्न पूजन-
पूजन-अर्चन का कार्य आचार्य अमित उपाध्याय एवं संजय उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत संपन्न कराया। वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
संगीतमय भजनों ने बांधा समां-
कथा के दौरान प्रस्तुत किए गए भजनों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। भजन गायन की प्रस्तुति शिवा विश्वकर्मा एवं शरद तिवारी ने दी, जिनकी मधुर वाणी पर श्रद्धालु झूम उठे।
यह रहे उपस्थित-
इस अवसर पर संतोष श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव, सौरभ नेहा श्रीवास्तव, विपुल राखी श्रीवास्तव, आकाश शिखा श्रीवास्तव, प्रीति श्रीवास्तव सहित अनेक भक्तजन उपस्थित रहे और कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
