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जनता के हीरो ASI बृजेंद्र तिवारी: तपती धूप में वर्दी ने निभाया बेटे का फर्ज”

जनता के हीरो ASI बृजेंद्र तिवारी: तपती धूप में वर्दी ने निभाया बेटे का फर्ज”

मध्य प्रदेश के कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र से एक ऐसी प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जिसने पुलिस की वर्दी को नई पहचान दी है। अक्सर सख्ती और अनुशासन के लिए पहचानी जाने वाली पुलिस का एक मानवीय चेहरा उस वक्त देखने को मिला, जब थाना ढीमरखेड़ा में पदस्थ एएसआई बृजेंद्र तिवारी ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए एक बुजुर्ग महिला की मदद की और हर किसी का दिल जीत लिया।
अप्रैल की झुलसा देने वाली गर्मी, तेज धूप और सुनसान सड़क… एक बुजुर्ग महिला अपने घर जाने के लिए काफी देर से सड़क किनारे खड़ी थी। साधनों की कमी और लगातार बढ़ती गर्मी ने उसकी हालत को कमजोर कर दिया था। हर गुजरते पल के साथ उसकी परेशानी बढ़ती जा रही थी, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आ रहा था।
इसी बीच वहां से गुजर रहे एएसआई बृजेंद्र तिवारी की नजर उस असहाय महिला पर पड़ी। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी होने के साथ-साथ उन्होंने एक संवेदनशील इंसान और बेटे का फर्ज निभाते हुए तुरंत अपनी बाइक रोकी। बिना देर किए उन्होंने महिला को सहारा दिया और अपनी बाइक पर बैठाकर उसे सुरक्षित उसके घर तक पहुंचाया।
यह नजारा वहां मौजूद लोगों के दिलों को छू गया। किसी ने इस मानवीय पल को अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो को देखकर न सिर्फ भावुक हो रहे हैं, बल्कि पुलिस के इस रूप की जमकर तारीफ भी कर रहे हैं।
एएसआई बृजेंद्र तिवारी ने यह साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून का पालन कराने वाली ताकत नहीं है, बल्कि समाज की सबसे बड़ी रक्षक और मददगार भी है। उनकी इस पहल ने यह संदेश दिया है कि वर्दी के पीछे एक ऐसा दिल भी धड़कता है, जो दूसरों के दर्द को समझता है और बिना किसी स्वार्थ के मदद के लिए आगे आता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तिवारी पहले भी कई मौकों पर जरूरतमंदों की मदद कर चुके हैं, जिससे क्षेत्र में उनकी छवि एक ईमानदार और संवेदनशील पुलिसकर्मी की बन गई है। उनका यह कार्य पुलिस विभाग के लिए गर्व की बात है और अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी एक प्रेरणा है।
आज जब समाज को ऐसे ही सच्चे नायकों की जरूरत है, तब एएसआई बृजेंद्र तिवारी जैसे पुलिसकर्मी यह विश्वास दिलाते हैं कि इंसानियत अभी जिंदा है — और उसकी सबसे मजबूत ढाल है हमारी पुलिस।

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