जबलपुर: गढ़ा थाना बना वारंट तामील का सरताज, मई माह में 106 स्थायी वारंटों की तामील कर बनाया रिकॉर्ड
गढ़ा थाना बना वारंट तामील का सरताज, मई माह में 106 स्थायी वारंटों की तामील कर बनाया रिकॉर्ड

जबलपुर पुलिस के मई माह के आंकड़ों में गढ़ा थाना पूरे जिले में सबसे आगे निकलकर सामने आया है। अपराधियों और फरार आरोपियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में गढ़ा थाना पुलिस ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जो जिले के अन्य थानों के लिए मिसाल बन गया है।
जानकारी के अनुसार मई माह में गढ़ा थाना पुलिस ने 106 स्थायी वारंट तामील कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। खास बात यह है कि जिले के कई बड़े और व्यस्त थानों के आंकड़ों को जोड़ दिया जाए, तब भी यह संख्या 106 तक नहीं पहुंचती। ऐसे में गढ़ा थाना की यह उपलब्धि पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी हुई है।
स्थायी वारंट उन आरोपियों के खिलाफ जारी किए जाते हैं जो लंबे समय से न्यायालय में पेश नहीं होते या कानून से बचने का प्रयास करते हैं। ऐसे आरोपियों को तलाश कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य माना जाता है। इसके बावजूद गढ़ा थाना पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए 106 वारंट तामील कराए।
इस उपलब्धि के पीछे थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों की लगातार मेहनत और रणनीतिक कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। पुलिस टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर वर्षों से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया और न्यायालय के समक्ष पेश किया।
कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने की दिशा में गढ़ा थाना की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ इसी तरह अभियान जारी रहेगा ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे।
जबलपुर जिले में मई माह के दौरान स्थायी वारंट तामील करने के मामले में गढ़ा थाना सबसे आगे रहा है। 106 वारंट तामील कर गढ़ा पुलिस ने न सिर्फ रिकॉर्ड बनाया है बल्कि यह भी साबित किया है कि अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से कानून का शिकंजा और मजबूत किया जा सकता है।”



