जबलपुर जनसुनवाई में गूंजे जनता के सवाल, एसपी ऑफिस पहुंचे 78 फरियादी
जबलपुर जनसुनवाई में गूंजे जनता के सवाल, एसपी ऑफिस पहुंचे 78 फरियादी

जबलपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को उस वक्त फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी, जब शहर और ग्रामीण इलाकों से लोग अपनी शिकायतें लेकर जनसुनवाई में पहुंचे। कोई जमीन विवाद से परेशान दिखा, तो कोई पारिवारिक कलह और साइबर ठगी का शिकार होकर न्याय की गुहार लगाता नजर आया। जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में कुल 78 शिकायतें सामने आईं। इनमें पति-पत्नी विवाद, जमीन कब्जे के मामले, मारपीट, धोखाधड़ी और साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। कई शिकायतकर्ता ऐसे भी थे जो थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे थे।
जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने एक-एक फरियादी की समस्या गंभीरता से सुनी। एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों और राजपत्रित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का जल्द निराकरण किया जाए और किसी भी पीड़ित को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जनसुनवाई में पहुंचे कई लोगों ने पुलिस जांच की धीमी रफ्तार और समय पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत भी की। कुछ फरियादियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन पुलिस अधीक्षक कार्यालय आना पड़ा।
इस दौरान उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय बी.एस. गोठरिया और उप पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आकांक्षा उपाध्याय भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संबंधित मामलों की जानकारी लेकर त्वरित वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के थानों एवं चौकियों में भी जनसुनवाई आयोजित की गई, जहां लोगों की शिकायतें सुनी गईं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जनसुनवाई के जरिए आम जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि लगातार बढ़ती शिकायतों की संख्या यह भी बता रही है कि थाना स्तर पर अब भी कई लोगों को समय पर राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अब देखना होगा कि जनसुनवाई में दिए गए निर्देश जमीन पर कितने असरदार साबित होते हैं।



