जबलपुर में शराब दुकानों के बाहर बढ़ रही गुंडागर्दी, पैसे नहीं देने पर शहरभर में हमले
शराब दुकानों के बाहर बढ़ रही गुंडागर्दी, पैसे नहीं देने पर शहरभर में हमले

जबलपुर शहर में शराब दुकानों और उनके आसपास बढ़ती असामाजिक गतिविधियों ने अब आम लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। शराब पीने के लिए पैसे मांगना, विरोध करने पर मारपीट करना और चाकू-ब्लेड से हमला करना अब शहर में आम होता जा रहा है। बीते दो दिनों में शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से सामने आए मामलों ने साफ कर दिया है कि शराब दुकानों के आसपास बदमाशों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है और इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
गढ़ा थाना क्षेत्र में शक्तिनगर निवासी कार्तिक धगे अपने दोस्तों एमेन, वीर रामटेके और आर्यन खन्ना के साथ पावन भूमि शक्ति के पास ग्राउंड में वॉलीबॉल खेलकर घर लौट रहा था। तभी साई पैलेस के पास साहिल, कृष्णा, विवेक गुप्ता और मलिंगा नाम के युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि चारों युवक शराब पीने के लिए पैसों की मांग करने लगे। जब कार्तिक और उसके दोस्तों ने पैसे देने से मना किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर बेसबॉल के डंडों से हमला कर दिया गया। हमले में कार्तिक, एमेन और वीर घायल हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
इसी तरह गोरखपुर थाना क्षेत्र में भी शराब के लिए पैसे मांगने को लेकर चाकूबाजी की घटना सामने आई। पीपल मोहल्ला निवासी आकाश बर्मन खालसा कॉलेज महानद्दा से अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह कॉलेज के पास वाली गली में पहुंचा, वहां अदनान खान और कबीर यादव ने उसे रोक लिया और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। पैसे देने से इनकार करने पर दोनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर अदनान खान ने चाकू से हमला कर घायल कर दिया।
घमापुर थाना क्षेत्र में भी शराब के लिए पैसों की मांग को लेकर हमला हुआ। चंद्रमोहन झारिया रविदास मंदिर के पास बैठा था, तभी अनीष चौधरी वहां पहुंचा और शराब पीने के लिए एक हजार रुपये मांगने लगा। जब चंद्रमोहन ने पैसे देने से मना किया तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए ब्लेड से हमला कर दिया। हमले में चंद्रमोहन के हाथ और पेट में चोट आई है।
वहीं विजयनगर थाना क्षेत्र में भी शराब के लिए पैसे मांगने पर युवक से बेरहमी से मारपीट की गई। सुषार सोनी नाम का युवक करणावत पान दुकान के पास मोमोस खा रहा था, तभी वासू सोनी, विनय शिवहरे और निखिल श्रीवास वहां पहुंचे और शराब पीने के लिए पैसों की मांग करने लगे। पैसे नहीं देने पर आरोपियों ने युवक को जमीन पर गिराकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से साफ है कि शराब दुकानों और उनके आसपास असामाजिक तत्वों का आतंक बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई शराब दुकानों के बाहर देर रात तक नशेबाजों और बदमाशों का जमावड़ा लगा रहता है, जहां खुलेआम हुड़दंग, गाली-गलौज और मारपीट होती है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और आबकारी अमला प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
फिलहाल पुलिस ने सभी मामलों में अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर शराब दुकानों के बाहर पनप रही इस गुंडागर्दी पर लगाम कब लगेगी और आम लोगों को सुरक्षित माहौल कब मिलेगा।



