जबलपुर: पाटन में पकड़ी शराब की जांच के नाम पर दबाव? धनवंतरी नगर शराब दुकान ने आबकारी कार्रवाई पर उठाए सवाल
पाटन में पकड़ी शराब की जांच के नाम पर दबाव? धनवंतरी नगर शराब दुकान ने आबकारी कार्रवाई पर उठाए सवाल

जबलपुर के धनवंतरी नगर स्थित शराब दुकान पर आबकारी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। पाटन थाना क्षेत्र में पकड़ी गई अवैध शराब की जांच को लेकर आबकारी विभाग की टीम धनवंतरी नगर शराब दुकान पहुंची, लेकिन दुकान पक्ष ने इस कार्रवाई को एकतरफा और दबाव बनाने वाली कार्रवाई बताया है। शराब दुकान से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बिना किसी ठोस प्रमाण के दुकान को अवैध शराब मामले से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जिससे व्यापारिक छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
जानकारी के मुताबिक हाल ही में पाटन पुलिस द्वारा अवैध शराब की खेप पकड़ी गई थी। इसी मामले की जांच के सिलसिले में आबकारी विभाग की टीम धनवंतरी नगर स्थित शराब दुकान पहुंची और वहां स्टॉक, बैच नंबर और रिकॉर्ड की जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान आबकारी विभाग ने शराब की बोतलों के बैच नंबर और बिक्री रिकॉर्ड का मिलान किया।
हालांकि दुकान पक्ष का कहना है कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की बड़ी अनियमितता सामने नहीं आई। सूत्रों के अनुसार, दुकान प्रबंधन का दावा है कि लाइसेंसी शराब दुकान से होने वाली हर बिक्री का पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध रहता है और ऐसे में बिना पुख्ता सबूत दुकान का नाम अवैध शराब से जोड़ना पूरी तरह गलत है।

दुकान पक्ष ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग केवल शिकायतों और संदेह के आधार पर कार्रवाई कर रहा है, जबकि अब तक यह साबित नहीं हुआ कि पाटन में पकड़ी गई शराब का सीधा संबंध धनवंतरी नगर दुकान से है। सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले ही दुकान को शक के दायरे में खड़ा करना व्यापारियों के साथ अन्याय है।
वहीं कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक के मौके पर मौजूद नहीं होने को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। दुकान पक्ष का कहना है कि संचालक निजी कार्य से बाहर गए थे, लेकिन इसे “फरार” होने जैसा प्रचारित किया गया, जिससे गलत संदेश गया।
दुकान से जुड़े लोगों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो कार्रवाई होना चाहिए, लेकिन बिना प्रमाण मीडिया में दुकान का नाम उछालना और दबाव बनाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि विभाग को निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच करनी चाहिए।
“हम पूरी तरह नियमों के तहत दुकान संचालित कर रहे हैं। सभी रिकॉर्ड और स्टॉक व्यवस्थित हैं। पाटन मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना किसी प्रमाण दुकान को अवैध शराब से जोड़ना गलत है।” — दुकान पक्ष
फिलहाल आबकारी विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है, लेकिन कार्रवाई के बाद विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में आखिर क्या तथ्य सामने आते हैं और पाटन में पकड़ी गई शराब मामले की सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।



