Latest News
जबलपुर: बरगी की लहरों में समा गई ममता: मौत की आगोश में भी मां ने नहीं छोड़ा बेटे का साथ, जबलपुर की इस घटना ने सबको रुलाया
जबलपुर: बरगी की लहरों में समा गई ममता: मौत की आगोश में भी मां ने नहीं छोड़ा बेटे का साथ, जबलपुर की इस घटना ने सबको रुलाया

SET NEWS जबलपुर। कहते हैं कि ईश्वर हर जगह नहीं हो सकता, इसलिए उसने ‘माँ’ बनाई। लेकिन जबलपुर के बरगी डैम से जो खबर सामने आई है, उसने इस कहावत को एक अमिट और दर्दनाक सच्चाई में बदल दिया है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि ममता, बलिदान और उस अटूट विश्वास की गाथा है, जिसे सुनकर आज पूरा संस्कारधानी (जबलपुर) सन्न है और हर आंख नम है।

[दृश्य परिवर्तन: बरगी डैम के शांत मगर भयावह दृश्यों की कल्पना]
जबलपुर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बरगी डैम… जहाँ लोग सुकून के दो पल बिताने जाते हैं। वहां अचानक प्रकृति ने ऐसा कहर बरपाया कि हंसता-खेलता माहौल पल भर में मातम में बदल गया। तेज आंधी और बेकाबू लहरों के बीच जब जिंदगी और मौत का खेल शुरू हुआ, तो हर तरफ अफरा-तफरी मच गई लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, चीख-पुकार मची थी।

लेकिन उस खौफनाक मंजर के बीच जो तस्वीर उभर कर आई, उसने इंसानियत और ममता की नई परिभाषा लिख दी। जब लहरें नाव को निगलने को बेताब थीं, तब एक मां ने अपनी जान की परवाह नहीं की। मौत सामने खड़ी थी, पानी का दबाव उसे नीचे खींच रहा था, लेकिन उस मां की पकड़ अपने कलेजे के टुकड़े पर ढीली नहीं पड़ी।
(थोड़ा ठहराव लेकर)
वह चाहती तो शायद खुद को बचाने की कोशिश कर सकती थी, लहरों से लड़कर किनारे तक पहुँचने का प्रयास कर सकती थी। लेकिन एक मां के लिए उसकी जान उसका बच्चा होता है। अंतिम क्षणों तक, जब सांसें टूट रही थीं और रोशनी धुंधली हो रही थी, उस मां ने अपने बेटे को सीने से लगाए रखा। वह अपने बच्चे के लिए मौत के सामने ढाल बनकर खड़ी रही।जब बाद में रेस्क्यू टीम ने उनके पार्थिव शरीरों को निकाला, तो देखने वालों का कलेजा फट गया। मां की बाहें अब भी अपने बेटे को उसी ममता से जकड़े हुए थीं, जैसे वह उसे दुनिया के किसी भी खतरे से बचा लेना चाहती हो। यह दृश्य गवाही दे रहा था कि ‘ममता कभी हारती नहीं’, चाहे सामने मौत ही क्यों न हो।

[श्रद्धांजलि का भाव]
SET NEWS जबलपुर इस महान ममता को कोटि-कोटि नमन करता है। यह घटना हमें सिखाती है कि संसार में माँ के प्रेम से बड़ा कोई कवच नहीं है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दे और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दे।ममता की उस अमर मिसाल को हमारी ओर से अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि…नमन… श्रद्धांजलि!



