Latest News

जबलपुर में ‘आहता बंदी’ का खुला मजाक: शिवराज के आदेशों को ठेकेदारों ने दिखाया ठेंगा!

शराब ठेकेदारों की गुंडागर्दी: अवैध आहतों तों से बढ़ता अपराध, सोया आबकारी विभाग

नियमों की उड़ती धज्जियां
जबलपुर संस्कारधानी में इन दिनों आबकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश भर में शराब के अहाते बंद करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था, लेकिन जबलपुर के अधारताल और महाराजपुर जैसे क्षेत्रों में यह आदेश केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है।

ठेकेदारों का बढ़ता दुस्साहस
अधारताल महाराजपुर पनागर रद्दी चौकी गोसलपुर और अमखेरा में शराब ठेकेदारों की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि दुकानों के बगल में खुलेआम अवैध अहाते संचालित किए जा रहे हैं। ठेकेदारों को न तो प्रशासन का डर है और न ही कानून का। खुलेआम चखना दुकानों की आड़ में शराब पिलाने का गौरखधंधा जोर-शोर से चल रहा है।

माढ़ोताल और बाईपास का हाल
माढ़ोताल और कटंगी बाईपास जैसे प्रमुख मार्गों पर स्थिति और भी भयावह है। यहाँ रात ढलते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। सड़क किनारे खड़े होकर शराब पीना अब आम बात हो गई है, जिससे राहगीरों, विशेषकर महिलाओं का इन रास्तों से निकलना किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है।

विजयनगर और गोहलपुर में दहशत
विजयनगर और गोहलपुर जैसे रिहायशी इलाकों में अवैध अहातों की वजह से आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। शराब दुकानों के बाहर शराबियों की गाली-गलौज और हुड़दंग ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।

विभाग की कुंभकरणी नींद
जबलपुर का आबकारी विभाग इस समय कुंभकरणी नींद में सोया हुआ है। अधिकारी ऑफिसों में बैठकर फाइलों का पेट भर रहे हैं, जबकि जमीन पर अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। शिकायतों के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होना, मिलीभगत की ओर साफ इशारा करता है।

अपराधों को मिल रही संजीवनी
जानकारों का मानना है कि शहर में बढ़ रही चाकूबाजी और लूटपाट जैसी वारदातों के पीछे ये अवैध अहाते ही मुख्य कारण हैं। जब अपराधी और असामाजिक तत्व एक जगह इकट्ठा होते हैं, तो अपराध की साजिशें वहीं से जन्म लेती हैं। प्रशासन की ढील अब जनता पर भारी पड़ रही है।

Related Articles

Back to top button