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सड़क सुरक्षा अभियान का असर… जबलपुर में घटे हादसे, मौतों में 21 प्रतिशत से ज्यादा कमी

पुलिस की सख्ती, जनजागरूकता और नियम पालन से बदली तस्वीर, ब्लैक स्पॉट पर भी हादसों में आई गिरावट

जबलपुर। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस और यातायात विभाग द्वारा चलाए जा रहे लगातार अभियान अब जमीन पर असर दिखाने लगे हैं। वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में सड़क दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पुलिस की सख्त कार्रवाई, ट्रैफिक नियमों के प्रति बढ़ी जागरूकता और सड़क सुरक्षा अभियानों के चलते जिले में यातायात व्यवस्था पहले की अपेक्षा अधिक अनुशासित नजर आने लगी है। एएसपी यातायात अंजना तिवारी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में कुल 1285 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या घटकर 1260 रह गई। सबसे बड़ी राहत सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों में देखने को मिली है। वर्ष 2025 में जहां 267 लोगों की जान गई थी, वहीं वर्ष 2026 में यह आंकड़ा घटकर 207 पर पहुंच गया। यह करीब 21.47 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। इसी तरह सड़क हादसों में घायल होने वालों की संख्या में भी 14.60 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने में सफलता-
जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात पुलिस ने 41 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। इनमें से पिछले चार महीनों के दौरान 24 ब्लैक स्पॉट ऐसे रहे जहां कोई दुर्घटना दर्ज नहीं हुई। शेष 17 ब्लैक स्पॉट पर 34 हादसे हुए, जिनमें 7 लोगों की मौत और 11 लोग घायल हुए। पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा इन स्थानों पर लगातार सुधार कार्य कराए जा रहे हैं, जिनमें संकेतक बोर्ड, स्पीड कंट्रोल उपाय और सड़क सुधार जैसे कदम शामिल हैं।

नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई-
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 26,679 लोगों पर कार्रवाई करते हुए लगभग 79.95 लाख रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। ओवर स्पीडिंग के 805 मामलों में 9.08 लाख रुपये तथा शराब पीकर वाहन चलाने वाले 555 चालकों से 16.14 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसी अवधि में कुल 28,039 चालान बनाकर 1.05 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली गई। विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर कुल 41,379 चालान काटे गए, जिनसे करीब 1.80 करोड़ रुपये का समन शुल्क अधिरोपित किया गया।

बसों की जांच और ड्रंक एंड ड्राइव अभियान-
लोक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए यातायात पुलिस ने बसों की सघन जांच भी शुरू की। अभियान के दौरान करीब 200 बसों की जांच की गई, जिनमें कमियां मिलने पर 40 बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं ड्रंक एंड ड्राइव अभियान के तहत 555 वाहन चालकों पर कार्रवाई कर उन्हें न्यायालयीन प्रक्रिया के दायरे में लाया गया।

जागरूकता और सीपीआर प्रशिक्षण पर विशेष जोर-
यातायात पुलिस ने केवल चालानी कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी विशेष फोकस किया। जिले में 202 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 32 हजार से अधिक लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई। इसके अलावा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में 50 स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित कर 308 नागरिकों को सीपीआर और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि हादसे के समय समय पर मदद मिल सके। 40 स्कूलों में विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देकर जिम्मेदार नागरिक और सुरक्षित चालक बनने के लिए प्रेरित किया गया

  1. नागरिकों से नियम पालन की अपील-
    यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं और गति सीमा का पालन करें। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सहभागिता से ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था संभव है।
  2. सड़क सुरक्षा को लेकर जबलपुर पुलिस लगातार बहुआयामी स्तर पर कार्य कर रही है। केवल चालानी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। हेलमेट, सीट बेल्ट और ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम अब आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।
    -संपत उपाध्याय, पुलिस कप्तान

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