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CM मोहन यादव और मेयर अन्नू का करीबी बताकर नौकरी दिलाने का झांसा, बीजेपी नेता रघु तिवारी पर लाखों की ठगी के आरोप
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीधी पकड़ और महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ के नाम का इस्तेमाल कर बेरोजगार युवाओं को फंसाने का आरोप

SET NEWS। शहर में भाजपा नेता और कथित राजनीतिक रसूख के दम पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सैनिक सोसायटी शक्ति नगर निवासी बीजेपी नेता रघु तिवारी पर आरोप है कि उसने खुद को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ का करीबी बताकर बेरोजगार युवाओं एवं उनके परिवारों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि अनुकंपा नियुक्ति, पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक पद और अन्य शासकीय नौकरियां लगवाने के नाम पर अलग-अलग लोगों से लाखों रुपये वसूले गए। मामले को लेकर बेलबाग थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोपी पर धोखाधड़ी, रकम हड़पने, धमकी देने और राजनीतिक प्रभाव का भय दिखाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, दस्तावेज और विभागीय पत्राचार भी सौंपे हैं।

CM मोहन यादव से सीधी बात होती है’, कहकर बनाया भरोसा-
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक रघु तिवारी खुद को भाजपा से जुड़ा सक्रिय नेता बताता था और दावा करता था कि उसकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक सीधी पहुंच है। आरोप है कि वह लोगों से कहता था कि मुख्यमंत्री स्तर से सरकारी विभागों में नियुक्तियां कराई जा सकती हैं और बड़े अधिकारियों पर उसका प्रभाव है।

पीड़ितों का आरोप है कि इसी राजनीतिक पकड़ और बड़े नेताओं के नाम का हवाला देकर लोगों को भरोसे में लिया गया और उनसे लाखों रुपये वसूले गए। अन्नू” के करीबी के रूप में प्रस्तुत शिकायतकर्ताओं ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी रघु तिवारी खुद को महापौर जगत बहादुर सिंह “अन्नू” के करीबी के रूप में प्रस्तुत करता था। पीड़ितों का आरोप है कि महापौर अन्नू का नाम लेकर राजनीतिक पहुंच और प्रभाव का भरोसा दिलाया जाता था, जिससे लोगों को विश्वास हो जाता था कि नौकरी और अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो जाएगी।
हालांकि, पूरे मामले में महापौर अन्नू की किसी प्रत्यक्ष भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने जांच एजेंसियों से मांग की है कि नाम और संपर्कों के उपयोग की भी निष्पक्ष जांच की जाए।
अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर लाखों की वसूली का आरोप-
छोटी ओमती निवासी निशांत सिंह ने शिकायत में बताया कि उनके पिता सीओडी फैक्ट्री खमरिया में कार्यरत थे। पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। इसी दौरान उनकी मुलाकात रघु तिवारी से हुई, जिसने खुद को मुख्यमंत्री और बड़े नेताओं का करीबी बताते हुए नौकरी जल्दी लगवाने का भरोसा दिया।शिकायत के अनुसार, आरोपी ने शुरुआत में 3 लाख रुपये की मांग की। निशांत सिंह का आरोप है कि उनकी मां ने जेवर गिरवी रखकर और कर्ज लेकर 1 लाख 10 हजार रुपये की व्यवस्था की, जो आरोपी को दिए गए। इसके बाद भी आरोपी लगातार अतिरिक्त रकम मांगता रहा और हर बार नौकरी जल्द लगने का आश्वासन देता रहा।
पीड़ित का कहना है कि बाद में विभागीय जानकारी लेने पर पता चला कि नौकरी संबंधी कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी थी। आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने राजनीतिक रसूख और नेताओं से संबंध होने का डर दिखाकर धमकियां देना शुरू कर दिया।
नाबालिग बेटे को एसआई बनाने का दावा-
व्यवसायी महिला रूपा अरोरा ने भी शिकायत में आरोप लगाया है कि रघु तिवारी ने उनके नाबालिग बेटे को पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक बनाने का भरोसा दिया। शिकायत के अनुसार आरोपी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बड़े नेताओं से उसकी सीधी पहचान है तथा दस्तावेजों में बदलाव कर नौकरी लगवाई जा सकती है।रूपा अरोरा के मुताबिक आरोपी ने इस काम के लिए 8 लाख रुपये खर्च होने की बात कही और धीरे-धीरे रकम लेना शुरू कर दिया। आरोप है कि बेटे के दस्तावेज, फोटो और अन्य कागजात भी आरोपी को सौंप दिए गए थे, लेकिन लंबे समय तक केवल आश्वासन मिलता रहा।
व्हाट्सएप चैट और दस्तावेजों से बढ़ी मामले की गंभीरता-
पीड़ितों द्वारा पुलिस को दिए गए दस्तावेजों और व्हाट्सएप चैट में आरोपी द्वारा कोर्ट आदेश, विभागीय प्रक्रिया और नेताओं से बातचीत का हवाला देकर भरोसा दिलाने की बातें सामने आई हैं। कई चैट में पीड़ित नौकरी संबंधी जानकारी मांगते और पैसे वापस करने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। एक चैट में आर्थिक तंगी से परेशान पीड़ित ने यहां तक लिख दिया कि यदि पैसे वापस नहीं मिले तो वह आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो जाएगा।
राजनीतिक प्रभाव का डर दिखाने के आरोप-
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रघु तिवारी अक्सर खुद को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ और अन्य भाजपा नेताओं का करीबी बताकर लोगों में प्रभाव जमाता था। इसी राजनीतिक छवि का फायदा उठाकर वह बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों को सरकारी नौकरी का सपना दिखाता था।
एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग–
मामले में पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक और बेलबाग थाना पुलिस से आरोपी रघु तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी, रकम हड़पने, धमकी देने और फर्जी आश्वासन देकर ठगी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायतों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।



