जबलपुर # महिलाओं की संसदीय भागीदारी से लोकतंत्र बनेगा अटल किला: पूजा उइके
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया युगांतरकारी कदम

सेटन्यूज़, जबलपुर। स्टार ड्रीम सिटी, समाधि रोड निवासी श्रीमती पूजा उइके ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को भारत के संसदीय इतिहास का ऐतिहासिक मोड़ बताया है। उनके अनुसार, यह अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करेगा।
राजनीति से अर्थव्यवस्था तक व्यापक बदलाव की उम्मीद
श्रीमती उइके ने कहा कि कार्यपालिका और विधायिका में महिलाओं का बढ़ता प्रतिनिधित्व शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नई नीतियां गढ़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम न केवल राजनीतिक भागीदारी बढ़ाएगा, बल्कि देश के आर्थिक, सामाजिक और समग्र विकास को नई दिशा देगा। राष्ट्र निर्माण में हर महिला, मां और बहन की भूमिका को अपरिहार्य बताते हुए उन्होंने अपील की कि समाज की महिलाएं जागरूक होकर सक्रिय योगदान दें।
समावेशी भारत का सपना होगा साकार
उइके ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि इससे देश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। नारी शक्ति का यह उदय राष्ट्र उत्थान का आधार बनेगा, जिससे समृद्ध और समावेशी भारत का निर्माण संभव होगा। वर्तमान परिस्थितियों में महिलाओं से सक्रिय भागीदारी की मांग करते हुए उन्होंने इसे लोकतंत्र को सशक्त बनाने का मील का पत्थर करार दिया।



